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​Allahabad HC Verdict: लखनऊ कोर्ट के पास 72 अवैध वकील चैंबर होंगे ध्वस्त - Haribhoomi

August 6, 2026

​इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ जिला कोर्ट के पास सार्वजनिक जमीन पर बने 72 अवैध वकील चैंबर 10 दिन में हटाने का आदेश दिया है। रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

इलाहाबाद HC

इलाहाबाद HC

  • Published: 06 Aug 2026, 07:57 PM IST
  • Last Updated: 06 Aug 2026, 07:57 PM IST

​राजधानी लखनऊ के चकबस्त चौराहे के पास जिला एवं सत्र न्यायालय के आसपास हुए अतिक्रमण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि सभी 72 कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया जाए। तय समय सीमा के भीतर वैध दस्तावेज पेश न करने पर रविवार के दिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

72 अवैध चैंबरों और दुकानों पर कार्रवाई का रास्ता साफ

लखनऊ जिला न्यायालय के पास बने 72 कथित अवैध वकील चैंबर और दुकानों को हटाने के लिए हाईकोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। नगर निगम को इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का आदेश मिला है। कब्जाधारियों को आखिरी मौका देते हुए 10 दिन का समय दिया गया है, जिसमें वे या तो जगह खुद खाली कर दें या फिर अपने कानूनी अधिकार के दस्तावेज साबित करें। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाएगा।

​पहले भी हटाए जा चुके हैं 100 से अधिक अवैध निर्माण

यह पूरा मामला चकबस्त चौराहे के पास न्यायालय परिसर के आसपास फैले अतिक्रमण से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान लखनऊ नगर निगम ने अदालत को जानकारी दी कि इलाके में पहले ही 100 से अधिक अवैध चैंबर हटाए जा चुके हैं। शुरुआत में 72 ऐसे निर्माण चिन्हित कर नोटिस दिए गए थे, लेकिन कुछ अधिवक्ताओं के विरोध के चलते केवल 14 चैंबर ही हटाए जा सके थे। बाकी लोगों ने अपने कब्जे से जुड़े कोई वैध कागज पेश नहीं किए हैं।

​बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया रुख, वकीलों ने की मानवीय अपील

सुनवाई के दौरान लखनऊ बार एसोसिएशन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एच.जी.एस. परिहार ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी अवैध कब्जे का बचाव नहीं कर रहे हैं। कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, कुछ अन्य वकीलों ने मानवीय आधार पर अपील की कि जब तक नए और वैध चैंबरों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक अस्थायी जगह दी जाए। अदालत ने सभी पक्षों को सुनते हुए नियमों के तहत अंतिम अवसर प्रदान किया है।

​रविवार के दिन होगी शांतिपूर्ण ढंग से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राजीव भारती की खंडपीठ ने निर्देश दिया है कि तोड़फोड़ की पूरी कार्रवाई रविवार के दिन की जाए, ताकि कोर्ट की नियमित न्यायिक कार्यवाही में कोई बाधा न आए। इसके लिए लखनऊ के पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को आपसी समन्वय बनाकर पर्याप्त पुलिस बल और प्रशासनिक सहायता मुहैया कराने को कहा गया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।