मानसून की विदाई के साथ देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है, लेकिन कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 अक्टूबर को दिल्ली समेत 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
अगले कुछ घंटों में बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आज कई राज्यों में अचानक तेज बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है. खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश के साथ भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है.
मौसम में बदलाव की क्या है वजह?
मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र अहम कारण माना जा रहा है. इसके अलावा कर्नाटक के तटीय इलाके के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बनने की स्थिति भी बनी हुई है. उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास भी निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है.
इन 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, सिक्किम, ओडिशा और असम में मौसम खराब होने की संभावना है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर आंधी के दौरान हवाओं की रफ्तार भी काफी अधिक रहने की आशंका है.
दिल्ली में बारिश और आंधी के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 7 अक्टूबर को बादल छाए रहने के साथ बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है. कुछ इलाकों में हवा करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
उत्तर प्रदेश में कई शहरों पर नजर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, प्रयागराज, गौतमबुद्ध नगर और गोरखपुर समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
बिहार में भी बारिश के साथ आंधी का खतरा
बिहार के गोपालगंज, भागलपुर, बेगूसराय, गया, जहानाबाद, वैशाली, पूर्णिया, भोजपुर और बक्सर जैसे जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है. पटना में आज अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
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मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश
मध्य प्रदेश के कटनी, जबलपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, इंदौर, मंडला और खंडवा में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
राजस्थान में भी मौसम लेगा करवट
राजस्थान में भी कई जिलों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है. भरतपुर, उदयपुर, नागौर, झुंझुनूं, अजमेर, बीकानेर, कोटा, बारां, सीकर और चूरू में मौसम खराब हो सकता है. जयपुर में दिन का तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.
हिमाचल में 60 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मौसम का असर अपेक्षाकृत ज्यादा देखने को मिल सकता है. सोलन, मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, किन्नौर, बिलासपुर और कांगड़ा में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. खराब मौसम के दौरान पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
उत्तराखंड में भी भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड के नैनीताल, ऋषिकेश, हरिद्वार, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चंपावत और चमोली में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की स्थिति में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन की सलाह और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा.
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मानसून की विदाई के बीच अचानक बदलता मौसम कई इलाकों में परेशानी बढ़ा सकता है. तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा. पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले या यात्रा करने वाले लोगों को बारिश और भूस्खलन की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है.
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