
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी
देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन-उत्तराखंड के मंच पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उत्तराखंड की जनता को देता हूं. 2022 के आम चुनाव पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए और हमने उत्तराखंड की जनता को यह वचन दिया था कि हमारी नई सरकार बनते ही सबसे पहले समान नागरिक संहिता का कानून लागू करेंगे और उत्तराखंड की जनता ने हमें आशीर्वाद दिया और हमने अपना वचन निभाया.
सीएम धामी ने कहा कि यह हमारी पार्टी के विचार थे और देश की आजादी के बाद देश में जो प्रमुख काम होने थे, उनमें से एक था. सीएम धामी ने कहा कि इसका प्रावधान भारत के संविधान में अनुच्छेद 44 में किया गया है. बाबा आंबेडकर जब संविधान बना रहे थे. उसी समय यह प्रावधान कर दिया गया था कि राज्य समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सकते हैं.
मातृ शक्ति की सुरक्षा के लिए UCC कानून
उन्होंने कहा किउत्तराखंड की जनता ने हमें आशीर्वाद दिया. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की, जो भावना थी, उस भावना को धरातल पर उतारने का काम, उसको व्यावहारिक रूप से जमीन पर उतराने का काम सबसे पहले उत्तराखंड की जनता ने किया है.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमें समर्थन दिया. उसके बाद हमने इसे लागू किया. क्या यह सबसे बड़ी उपलब्धि है? इस सवाल के जवाब में सीएम धामी ने कहा कि देश की 50 फीसदी मातृ शक्ति है. यह सौ प्रतिशत उनकी सुरक्षा का कानून है. उन्होंने कहा कि यदि किसी को कुछ विरोध करना होता है, तो उसका कोई तर्क नहीं था, लेकिन चूंकि तुष्टिकरण की राजनीति, वोटबैंक की राजनीति यह किसी विशेष लोग के लिए टारगेट करने के लिए कानून लाया गया है.
किसी को नहीं किया गया टारगेट
उन्होंने कहा कि 27 जनवरी 2025 को लागू कर दिया. डेढ़ साल का समय बीत गया, लेकिन किसी को टारगेट नहीं किया गया. न्यायालय में मामला चल रहा था. लोगों के लिए इससे बहुत सुविधा हुई.
सीएम धामी ने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से कहे तो यह हमारी मातृशक्ति की सुरक्षा और सशक्तिकरण का कानून है. बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का कानून है. हर वर्ग के लिए कहीं न कहीं प्रावधान हुआ है. न्याय मिलने की प्रक्रिय सरल हुई है. केवल किसी वर्ग को फायदा पहुंचा या नुकसान पहुंचे. इसके लिए नहीं है. भारत के संविधान के अनुसार प्रावधान किया गया है.
उन्होंने कहा कि समान नागरिकता संहिता देवभूमि उत्तराखंड से निकली है. आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों को लाभ मिलेगा. कई राज्य इस दिशा में आगे बढ़ गये हैं. कई राज्यों में इसे लागू भी किया गया है.
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अजय विद्यार्थी
कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.
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