‘रैंचो’ की असली कहानी पर आमिर खान का खुलासा, बोले- उम्मीद है सोनम वांगचुक जल्द अनशन खत्म करेंगे
-
Written By:
यति सिंह
Updated On: Jul 17, 2026 | 09:32 AM IST
विज्ञापन
सार
Aamir Khan on Sonam Wangchuk: जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के सपोर्ट में आमिर खान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और फिल्म के रैंचो किरदार की सच्चाई बयां की है।

सोनम वांगचुक और आमिर खान (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Aamir Khan on Sonam Wangchuk Hunger Strike: फेमस पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। देश के इस चर्चित वैज्ञानिक की सेहत को लेकर न सिर्फ आम लोग बल्कि फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी हस्तियां भी अपनी फिक्र जाहिर कर रही हैं। इसी कड़ी में हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता आमिर खान ने पहली बार इस पूरे मामले पर अपनी गंभीर राय रखी है। उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात शेयर की है।
लद्दाख के सुधारों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिनों से सोनम वांगचुक अन्न का एक दाना लिए बिना अनशन कर रहे हैं। ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट के एक खास कार्यक्रम के दौरान आमिर खान ने इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी। आमिर खान ने कहा कि वह दिल से उम्मीद करते हैं कि वैज्ञानिक जल्द ही अपना यह कठिन अनशन खत्म कर देंगे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वांगचुक का स्वास्थ्य बेहद महत्वपूर्ण है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
क्या सच में वांगचुक ही हैं रील लाइफ के फुंसुख वांगडू
सालों से दर्शकों के मन में एक बड़ा सवाल रहा है कि क्या आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 3 इडियट्स का मुख्य किरदार रैंचो असल जिंदगी में सोनम वांगचुक से ही प्रेरित था। आमिर खान ने इस रहस्य से आखिरकार पर्दा उठा दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
उन्होंने साफ किया कि यह केवल एक अफवाह है और फिल्म का किरदार सीधे तौर पर उन पर आधारित नहीं था। आमिर खान ने बताया कि उनके द्वारा निभाया गया फुंसुख वांगडू या रैंचो का रोल पूरी तरह से काल्पनिक था जिसे लेखक राजू हिरानी और अभिजात जोशी ने मिलकर गढ़ा था।
किरदार के पीछे की छिपी हुई असल कहानी
आमिर खान ने बातचीत को आगे बढ़ाते हुए समझाया कि फिल्म की कहानी दरअसल चेतन भगत के फेमस उपन्यास पर आधारित थी। हालांकि, कहानी के क्लाइमेक्स में लद्दाख के जिस स्कूल और वहां के वैज्ञानिक आविष्कारों को दिखाया गया था, वह हिस्सा जरूर वांगचुक के अनोखे और क्रांतिकारी कामों से प्रेरित था।
आमिर खान ने माना कि फिल्म 3 इडियट्स की टीम वांगचुक के प्रयासों से बेहद प्रभावित थी और इसी वजह से कहानी के कुछ तत्वों को लद्दाख की वादियों और वहां के शैक्षिक प्रयोगों से जोड़ा गया था।
लद्दाख के पर्यावरण और भविष्य को बचाने की जंग
सोनम वांगचुक की यह भूख हड़ताल केवल किसी व्यक्तिगत मांग के लिए नहीं है, बल्कि वह लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने की एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। वे लद्दाख को विशेष संवैधानिक दर्जा दिलाने और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार अपनी आवाज बुलंद करते आ रहे हैं।
ये भी पढ़ें: ‘मैं टीचर बनना चाहती थी…’ जब एक्टिंग में आने से टूट गया था अर्चना पूरन सिंह का सपना, सालों बाद छलका दर्द
लगभग 20 दिन से चल रहे इस अनशन के जरिए वे नीति निर्माताओं का ध्यान लद्दाख के बिगड़ते हालात की तरफ खींचना चाहते हैं। देश के तमाम जागरूक नागरिक और बुद्धिजीवी वर्ग भी इस समय उनके इस अभियान की सफलता की कामना कर रहे हैं।
