8 सितंबर की दोपहर। जहानाबाद के राजा बाजार स्थित मुरलीधर उच्च विद्यालय सह सरस्वती विद्या मंदिर (मॉडल स्कूल) में पढ़ाई हर दिन की तरह चल रही थी। तभी 9वीं क्लास में सलवार-कमीज पहने एक महिला दाखिल हुई और आखिर बेंच पर चुपचाप बैठ गई।
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मास्टर साहब की जैसे ही नजर महिला पर पड़ी, उन्होंने पढ़ाना छोड़ दिया और जाने लगे। तभी महिला बोलीं-गुरु जी जा कहां रहे हैं, पढ़ाइए आज मैं भी पढ़ूंगी। मास्टर साहब रुके और पढ़ाने लगे।
यह महिला थीं जहानाबाद की जिलाधिकारी (DM) शेरिंग वाई भूटिया। 2013 बैच की IAS अफसर ने जून 2026 में जिले की कमान संभाली हैं। तब से चर्चा में हैं।
आज बूझे की नाही में कहानी IAS अफसर शेरिंग वाई भूटिया की…।
पहले जानिए, IAS अफसर भूटिया के चर्चा में रहने के 3 कारण
1. क्लास अटेंड की, प्रिंसिपल और टीचर को शोकॉज नोटिस
8 सितंबर को DM शेरिंग वाई भूटिया ने जहानाबाद के मॉडल और कन्या स्कूल का इंस्पेक्शन किया। इस दौरान उन्होंने मैथ्स की क्लास खुद अटेंड की और स्टूडेंट्स से सुविधाओं को जाना।
निरीक्षण के दौरान 1,200 बच्चों में से सिर्फ 300 स्टूडेंट्स ही मौजूद मिले। कुछ कक्षाओं में एक साथ 3-3 क्लास के बच्चे पढ़ रहे थे। इस पर प्रिंसिपल और संबंधित टीचरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
2. बराबर हिल्स और गुफाओं की सफाई शुरू की
DM भूटिया ने 30 अगस्त को जहानाबाद के सबसे पुराने चट्टानों बराबर हिल्स की गुफाओं में 'जीरो लिटर बराबर' (बराबर में बिल्कुल भी कचरा न हो) अभियान की शुरुआत की। उन्होंने दस्ताने पहने और वॉलंटियर्स के साथ मिलकर कचरा उठाया।
अभियान शुरू करने से पहले IAS अफसर भूटिया ने छात्रों और युवाओं से संपर्क किया। उन्हें अपनी मर्ज़ी से इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। NCC कैडेट्स, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के छात्र, होम गार्ड के जवान, सफाई कर्मचारी, अधिकारी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और स्थानीय लोग इस कोशिश में शामिल हुए।
इसका मकसद बराबर के प्रति लोगों में अपनापन और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था। और संदेश साफ था-'न कचरा फैलाएंगे, न फैलाने देंगे।'

जहानाबाद के ग्राउंड में स्टूडेंट्स के साथ बास्केटबॉल खेलती दिखीं DM भूटिया।
3. बास्केटबॉल खेला, बच्चों के साथ जमीन पर बैठकी
21 अगस्त 2026 को DM ने काजीसराय के उत्क्रमित उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया था। यहां वह छात्राओं के साथ बास्केटबॉल खेलती नजर आईं। उन्होंने छात्राओं को खेल की कुछ तकनीक के बारे में भी जानकारी दी।
इसके बाद वह होरिलगंज स्थित कन्या मध्य विद्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मिड-डे मील भोजन किया।
इसके अलावा 28 अगस्त को उन्होंने बच्चों के साथ रक्षा बंधन के अवसर पर बच्चों से राखी भी बंधवाई।
अब कहानी शेरिंग वाई भूटिया की…
दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में MA भूटिया सिक्किम की रहने वाली हैं। पहले उनका कैडर पश्चिम बंगाल था। शेरिंग वाई भूटिया के बिहार आने से लेकर शादी तक की कहानी रोचक है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए…
ट्रेनिंग के दौरान ही IAS आनंद शर्मा से हो गया प्यार
साल 2012। UPSC की परीक्षा पास कर शेरिंग वाई भूटिया सिक्किम से ट्रेनिंग लेने मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी पहुंचीं। वहीं UP से आनंद शर्मा भी ट्रेनिंग लेने पहुंचे थे। दोनों की मुलाकात हुई। हल्की-फुल्की बातें हुईं।
फिर धीरे-धीरे यह बातचीत प्यार में बदल गई। ट्रेनिंग के बाद शेरिंग वाई भूटिया को पश्चिम बंगाल कैडर मिला। जबकि, आनंद शर्मा को असम-मेघालय कैडर मिला। दोनों फील्ड ट्रेनिंग के लिए अपने अपने राज्य चले गए। इस बीच भी दोनों जुड़े रहे। फिर शादी कर ली।
2013 बैच के IAS आनंद शर्मा ने दिव्यांगता पॉलिसी के आधार पर अपना कैडर असम-मेघालय से बिहार करा लिया। वहीं, शेरिंग वाई भूटिया पश्चिम बंगाल में ही रहीं।

जहानाबाद के गांधी मैदान में ट्रैक पर स्टूडेंट्स के साथ दौड़ लगातीं DM भूटिया।
…जब बिहार आने के लिए 8 साल तक लड़ना पड़ा
शादी के बाद सैकड़ों किलोमीटर के इस फासले को मिटाने के लिए शेरिंग वाई भूटिया आगे आईं। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के डॉक्यूमेंट के मुताबिक..
- उन्होंने इंटर-कैडर ट्रांसफर के लिए 18 मई 2017 को पश्चिम बंगाल सामान्य प्रशासन विभाग में आवेदन किया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
- फिर करीब दो महीने बाद दोबारा 12 जुलाई 2017 को आवेदन दिया। इसका जवाब 27 जुलाई 2017 को मिला, लेकिन मनमुताबिक नहीं। बिना कोई कारण बताए शेरिंग वाई भूटिया के आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया।
- साथ ही जवाब में एक नोट लिखा गया लगाया- अगर आपके (भूटिया के) पति बिहार से पश्चिम बंगाल कैडर आने के लिए आवेदन करेंगे तो NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) दे दी जाएगी। मतलब साफ मैसेज था कि आप अपने पति को ही बंगाल बुला लीजिए।
- सरकार के इस नोट का जवाब भूटिया ने 1 सितंबर 2017 को दिया। उन्होंने लिखा, ‘हमारे पति (IAS आनंद शर्मा) लोकोमोटर दिव्यांगता के कारण बिहार से पश्चिम बंगाल ट्रांसफर के लिए आवेदन करने के योग्य नहीं है। 2014 की PH नीति के मुताबिक, पति केवल भौगोलिक रूप से सटे स्थानों पर ही कैडर ट्रांसफर के लिए योग्य हैं। इसमें पश्चिम बंगाल नहीं आता है।’
- भूटिया ने अपनी सास की खराब सेहत और अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल जिंदगी को संभालने में आ रही दिक्कतों का भी जिक्र किया। लेकिन इस जवाब का उधर से कोई रिप्लाई नहीं आया।
- इंतजार की घड़ियां लंबी होती गई तब करीब सवा साल बाद 11 दिसंबर 2018 को फिर शेरिंग वाई भूटिया ने एक बार बंगाल सरकार से NOC जारी करने का अनुरोध किया। लेकिन इसका भी जवाब नहीं आया।
- इसके बाद 11 मई 2021 को भूटिया ने अपने 18 मई 2017 वाले आवेदन को वापस ले लिया। और शादी के आधार पर बिहार में इंटर-कैडर ट्रांसफर की मांग करते हुए 14 नवंबर 2022 को एक नई अर्जी लगा दी।
- इस अर्जी को 17 नवंबर 2022 को कलिम्पोंग के जिला मजिस्ट्रेट ने पश्चिम बंगाल सरकार के P&AR विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजा।
- 5 दिसंबर 2022 को सरकार ने अर्जी को खारिज करते हुए कहा- ‘राज्य में IAS अधिकारियों की भारी कमी है। मौजूदा हालात में बदलाव के बाद उचित समय पर आपके अनुरोध पर विचार किया जाएगा।’ मतलब आप अभी इंतजार कीजिए।
- लेकिन इसी बीच भूटिया के लिए राहत भरी खबर बिहार से आई। नीतीश सरकार ने 19 दिसंबर 2022 को IAS (कैडर) नियमों के नियम 5(2) के तहत शादी के आधार पर उनके इंटर-कैडर ट्रांसफर के लिए NOC जारी कर दी।
पति-पत्नी के बीच की दूरी ने तलाक की अर्जी लगवाई
कैडर ट्रांसफर के लिए जुझ रहे इस IAS कपल के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई। 2023 में उनकी बेटी को गंभीर बीमारी होने का पता चला।
बीमारी और एक-दूसरे के बीच के सैकड़ो किलोमीटर की दूरी से परेशान IAS कपल ने जून 2024 में आपसी सहमति से कोर्ट में तलाक की अर्जी लगा दी। फैमिली कोर्ट ने दोनों की तलाक की अर्जी मंजूर भी कर ली।
हालांकि, कोर्ट ने दोनों को 'कूलिंग पीरियड' (सोचने-समझने के समय) का मौका दिया। दोनों ने कुछ समय साथ बिताया तब आपस में सुलह करने का फैसला किया। और तलाक की अर्जी वापस ले ली। मतलब दोनों फिर साथ हो गए।

बिहार आने के बाद IAS अफसर भूटिया लगातार अपने कामों को लेकर चर्चा में हैं।
…फिर CAT पहुंचीं भूटिया
घरेलू मामले को संभालने के बाद शेरिंग वाई भूटिया ने एक बार फिर बिहार आने का प्रयास तेज किया। उन्होंने इस बार केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) का दरवाजा खटखटाया। यह IAS अफसरों के मामले की सुनवाई वाली कोर्ट है।
IAS अफसर शेरिंग वाई भूटिया ने 28 जनवरी 2025 को CAT में इंटर-कैडर ट्रांसफर के अपने अनुरोध पर जवाब पाने के लिए अर्जी लगाई।
- 30 मई 2025 को CAT ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 6 अगस्त 2025 को उनको पश्चिम बंगाल कैडर से बिहार कैडर में ट्रांसफर की मंजूरी दे दी। और इस तरह वह बंगाल से बिहार पहुंच गईं।
- बिहार आने पर नीतीश सरकार ने उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव, उप-विभागीय अधिकारी (SDO) और अन्य प्रशासनिक पोस्ट पर तैनाती दी। उनके कामों को देखते हुए ही बिहार सरकार ने इसी साल जून में जहानाबाद का जिलाधिकारी बनाकर भेजा है।