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नेटफ्लिक्स पर आते ही छाई मुसाफिर कैफे, 8 एपिसोड की ये सीरीज तभी आएगी पसंद अगर...

July 25, 2026

Jul 25, 2026 07:02 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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Musafir Cafe Review in Hindi: रोमांटिक वेब सीरीज मुसाफिर कैफे नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है। रिलीज होते ही ये सीरीज नंबर 1 पर भी ट्रेंड करने लगी।आइए जानते हैं कैसी है नेटफ्लिक्स की 8 एपिसोड वाली ये सीरीज। 

Musafir Cafe Review

मुसाफिर कैफे रिव्यू

नेटफ्लिक्स पर विक्रांत मैसी की वेब सीरीज मुसाफिर कैफे रिलीज हो चुकी है। मुसाफिर कैफे दिव्य प्रकाश दुबे की इसी नाम की किताब पर आधारित सीरीज है। मुसाफिर कैफे एक रोमांटिक वेब सीरीज है जो प्यार के उस पहलु को दखाती है जहां कई बार दो प्यार करने वाले लोगों के सपने भी उन्हें अलग कर सकते हैं। नेटफ्लिक्स की ये सीरीज आपको तभी पसंद आएगी अगर आपने ये किताब नहीं पढ़ी होगी। आईएमडीबी पर इस सीरीज को 7.3 आईएमडीबी रेटिंग मिली है।

मुसाफिर कैफे का क्या है प्लॉट?

सीरीज के बारे में बात करने से पहले समझ लेते हैं कि सीरीज का प्लॉट क्या है? मुसाफिर कैफे तीन लोगों की कहानी है। चंदर, सुधा और प्रीति की। सुधा और चंदर जो एक शादी वाली वेबसाइट के जरिए मिलते हैं, उन दोनों को प्यार हो जाता है।दोनों का प्यार आगे बढ़ता जाता है, लेकिन फिर कहानी में एक पल आता है जहां सुधा को लगता है कि चंदर अपने सपनों को मारकर उसके साथ रह रहा है। यही पल चंदर और सुधा के रिश्ते को खत्म कर देता है।

मुसाफिर कैफे

कहानी में यहीं ट्विस्ट आता है। इसके बाद चंदर पहाड़ों में जाकर बस जाता है। वहां, उसकी मुलाकात प्रीति से होती है। प्रीति और चंदर के बीच एक खूबसूरत रिश्ता बन जाता है। प्रीति और चंदर साथ में रहने लगते हैं, लेकिन एक बार फिर चंदर के सामने उसका पास्ट आकर खड़ा हो जाता है।

कैसी है विक्रांत मैसी की सीरीज?

अब बात करते हैं कि ये सीरीज कैसी है? क्या देखने लायक है? इसका जवाब है कि मुसाफिर कैफे एक अच्छी रोमांटिक सीरीज है। आप इसे देख सकते हैं। सीरीज के आठों एपिसोड्स देखने में आपको अच्छा ही महसूस होगा, लेकिन अगर आपने किताब पढ़ी है तो हो सकता है कि ये सीरीज आपको उतनी अच्छी नहीं लगे।

सुधा और चंदर की कहानी

हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि किताब में चंदर, सुधा और प्रीति की भावनाओं को तसल्ली से महसूस किया जा सकता है। लेकिन सीरीज में ऐसा नहीं है। क्योंकि सीरीज को 8 एपिसोड्स में खत्म करने का एक बाउंडेशन होगा, इस वजह से उनकी भावनाओं को आप उतनी अच्छी तरीके से शायद ही महसूस कर पाएं।

मुसाफिर कैफे सीरीज देखें या नहीं?

रोमांटिक फिल्मों और सीरीज लवर्स को ये सीरीज देखनी चाहिए। कुल मिलाकर सीरीज तो अच्छी ही है, लेकिन किताब पढ़ चुके लोगों को वो फीलिंग नहीं आएगी जो उन्हें किताब पढ़ने पर आई होगी।

महिमा मकवाना ने निभाया है प्रीति का किरदार

इस सीरीज की अच्छी बात ये भी है कि कहीं भी ये सीरीज देखते हुए आपको ऐसा नहीं लगेगा कि सीरीज को जबरदस्ती खींचा गया है। इस सीरीज के पहले एपिसोड का नाम है अराइवल। एपिसोड की शुरुवात प्रीति के किरदार से ही होती है। वही, इस पूरी कहानी की सूत्रधार लगती हैं। कहानी की शुरुआत चंदर और प्रीति के साथ रहने से ही होती है। चंदर और सुधा की कहानी का ज्यादातर हिस्सा चंदर की यादों के जरिए ही दिखाया गया है।

मुसाफिर कैफे की कास्ट और डायरेक्टर

इस सीरीज की कास्ट की बात करें तो सीरीज में विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो, महिमा मकवाना, आदिल हुसैन, आशी माल्विया और सादिया सिद्दीकी जैसे कलाकार नजर आए हैं। इस सीरीज को रुचिर अरुण ने डायरेक्ट किया है। वहीं, सीरीज को लिखा है दिव्य प्रकाश दुबे और शरण्य राजगोपाल ने।