Fri, 31 Jul 2026 12:26 PM IST
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Fri, 31 Jul 2026 12:26 PM IST
सार
देश में राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे के तेजी से विस्तार का असर अब टोल कलेक्शन में भी साफ दिखाई दे रहा है। संसद में केंद्र सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में उत्तर प्रदेश हाईवे टोल से सबसे ज्यादा राजस्व जुटाने वाला राज्य बनकर उभरा है।
भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क केवल दूरियां ही कम नहीं कर रहा, बल्कि कमाई के नए कीर्तिमान भी स्थापित कर रहा है। संसद में पेश ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश वित्त वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से देश में सबसे अधिक टोल राजस्व (टोल कलेक्शन) जुटाने वाला राज्य बनकर उभरा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में यह आंकड़े पेश किए। इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि टोल वसूली के मामले में उत्तर प्रदेश ने राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे पारंपरिक रूप से आगे रहने वाले राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
Toll plaza - फोटो : Adobe Stock
टोल कलेक्शन में देश के टॉप-5 राज्य कौन-से हैं और यूपी ने कितना राजस्व जुटाया?
संसद में साझा किए गए ब्योरे के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने अकेले ₹8,862.12 करोड़ का यूजर फी (टोल) कलेक्शन किया।
देश में सबसे ज्यादा टोल कलेक्शन करने वाले शीर्ष 5 राज्यों ये हैं:
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1. उत्तर प्रदेश (₹8,862.12 करोड़):
एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के व्यापक प्रसार के कारण यूपी राजस्व संग्रह में पूरे देश में शीर्ष पायदान पर पहुंच गया है। -
2. राजस्थान (₹7,317.51 करोड़):
राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा, जहां मजबूत हाईवे नेटवर्क और उच्च ट्रैफिक के कारण रिकॉर्ड टोल संग्रह दर्ज हुआ। -
3. महाराष्ट्र (₹7,053.71 करोड़):
तीसरे स्थान पर मौजूद महाराष्ट्र ने भी आर्थिक गतिविधियों और भारी वाहनों के आवागमन के दम पर मजबूत टोल कलेक्शन दिखाया। -
4. गुजरात (₹6,352.38 करोड़):
औद्योगिक रूप से विकसित गुजरात चौथे स्थान पर रहा, जहां राजमार्गों पर लगातार ट्रैफिक ग्रोथ दर्ज की गई। -
5. कर्नाटक (₹4,779.37 करोड़):
दक्षिण भारत का यह राज्य 4,779.37 करोड़ रुपये की टोल कमाई के साथ देश के टॉप-5 राज्यों में अपनी जगह बनाने में सफल रहा।
Toll plaza - फोटो : Adobe Stock
उत्तर प्रदेश की इस रिकॉर्ड तोड़ टोल कमाई का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर प्रदेश के टोल राजस्व में आई इस जबरदस्त उछाल के पीछे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से हुआ विकास है:
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नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार:
पिछले कुछ वर्षों के दौरान राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के नेटवर्क का बहुत तेजी से विस्तार हुआ है। -
टोल प्लाजा की बड़ी संख्या:
उत्तर प्रदेश देश में चालू टोल प्लाजा की संख्या के मामले में दूसरे स्थान पर है। वर्तमान में राज्य में 141 चालू टोल प्लाजा हैं।
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Toll plaza - फोटो : Adobe Stock
देशभर में सबसे ज्यादा टोल प्लाजा किस राज्य में हैं?
संसद में पेश आंकड़ों में देशभर के विभिन्न राज्यों में मौजूद टोल प्लाजा की संख्या की स्थिति भी साफ की गई है:
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राजस्थान: 172 चालू टोल प्लाजा के साथ देश में सबसे आगे है।
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उत्तर प्रदेश: 141 टोल प्लाजा के साथ दूसरे स्थान पर है।
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महाराष्ट्र: राज्य में 105 टोल प्लाजा कार्यरत हैं।
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मध्य प्रदेश: 98 चालू टोल प्लाजा के साथ चौथे स्थान पर है।
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कर्नाटक: राज्य में कुल 68 टोल प्लाजा काम कर रहे हैं।
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पूरे देश में कुल कितना टोल कलेक्शन हुआ और एनुअल पास से कितनी कमाई हुई?
राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर कुल टोल संग्रह में लगातार बढ़ोतरी का दौर जारी है:
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यूजर फी कलेक्शन में बढ़ोतरी:
देश में कुल टोल संग्रह (यूजर फी) वित्त वर्ष 2024-25 के 61,408.15 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 68,483 रुपये करोड़ हो गया। -
एनुअल पास योजना से राजस्व:
निजी वाहनों के लिए शुरू की गई एनुअल पास योजना के माध्यम से ₹1,795.18 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। -
कुल रिकॉर्ड प्राप्ति: एनुअल पास से मिले 1,795.18 करोड़ रुपये को जोड़ने के बाद, वर्ष 2025-26 के दौरान सरकार की कुल टोल प्राप्ति 70,278.18 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
यह बढ़ोतरी देश में सड़क बुनियादी ढांचे के निरंतर विस्तार, राजमार्ग यातायात में वृद्धि और महाराष्ट्र, गुजरात तथा राजस्थान जैसे राज्यों द्वारा दर्ज किए गए मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है।