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पटना34 मिनट पहलेलेखक: आलोक द्विवेदी
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शिक्षकों की चेतावनी- बकाया न मिला तो 1 नवंबर से बंद होगा भोजन
बिहार के 71,567 सरकारी स्कूलों में औसतन हर दिन 5 से 8 लाख बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पा रहा है। यह खुलासा शिक्षा विभाग के ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा और डेटा ऑडिट से हुआ है। एक तरफ विभाग शत-प्रतिशत बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का दावा कर रहा है, वहीं प्रशासनिक लापरवाही, खाद्यान्न व एलपीजी की कमी से स्कूलों में चूल्हे ठंडे पड़े हैं। इस बीच बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि 6 महीने का बकाया भुगतान न होने पर 1 नवंबर 2026 से राज्यभर में मिड-डे मील का संचालन पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया कि 38 में से 28 जिलों में भोजन का कवरेज 85% से भी कम है। मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर में कवरेज 80 से 85% के बीच है। वहीं गोपालगंज, दरभंगा, समस्तीपुर और गया में फंड की कमी और स्थानीय दिक्कतों से खाना बाधित है। पटना, नालंदा और बक्सर में स्थिति बेहतर पाई गई है। मिड-डे मील निदेशक विनायक मिश्र ने 30 जिलों के डीपीओ और डीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर 2 कार्य दिवसों में जवाब मांगा है। लापरवाही पर हेडमास्टर का वेतन रोकने और राशन में देरी करने वाले सप्लायरों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भविष्य में खातों में बफर फंड रखने, एफसीआई राशन वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग करने और रसोइयों को समय पर मानदेय देने का फैसला लिया गया है।
कैसे खुली पूरी पोल- पोर्टल की मॉनिटरिंग
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दैनिक हाजिरी, भोजन और गुणवत्ता का ब्योरा दर्ज करना अनिवार्य किया गया था।
’नो मील सर्व्ड’ प्रविष्टि- हजारों विद्यालय रोजाना पोर्टल पर ‘नो मील सर्व्ड’ दर्ज कर रहे हैं या रिपोर्ट ही नहीं भेज रहे हैं।
उपस्थिति से आंकड़े मिले- प्रति स्कूल 120-150 छात्रों की औसत उपस्थिति के आधार पर रोजाना 7.5 से 8 लाख बच्चे भूखे पाए गए।
डेटा ऑडिट में खुलासा- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा में दो दर्जन से अधिक जिलों में कवरेज 85% से कम मिला।
आमने-सामने
मॉनिटरिंग जारी, कार्यवाही भी बिहार के सभी स्कूलों में मिड डे मील दिया जा रहा है। भोजन की मॉनिटरिंग की जा रही है। इस दौरान जिन स्कूलों में मिड डे मिल नहीं मिल रहा है, वहां पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।- मिथिलेश तिवारी, मंत्री, शिक्षा विभाग
एक हफ्ते में बकाया भुगतान हो शिक्षक पिछले 6 महीने से अपने खर्च पर मिड डे मील की खाद्य सामग्री की खरीद कर रहे है। ऐसे में अगर 1 सप्ताह के अंदर बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो बिहार में मिड डे मिल के संचालन स्थगित होगा। -आनंद मिश्र, सचिव, बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ
गड़बड़ी पर लगाम लगाना जरूरी ई-शिक्षाकोष पोर्टल ने व्यवस्था के कागजी दावों की हवा निकाल दी है। सिर्फ 30 जिलों के अफसरों को नोटिस देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जब तक स्कूलों को अग्रिम बफर फंड नहीं मिलेगा और सप्लायरों पर जीपीएस से नजर नहीं रखी जाएगी, तब तक चूल्हा जलना आसान नहीं है। शिक्षक 6 महीने से अपनी जेब से पैसा लगाकर मिड-डे मील चला रहे हैं। अगर समय रहते उनका बकाया नहीं चुकाया गया, तो 1 नवंबर 2026 से भोजन बंद होने का सीधा असर करोड़ों गरीब बच्चों की सेहत और उपस्थिति पर पड़ेगा।
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