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चंडीगढ़ धरने के लिए लुधियाना से किसानों के जत्थे रवाना: केंद्र व पंजाब सरकार पर मांगें मनवाने का दबाव बनाएंगे, 7 दिन चलेगा पक्का धरना - Jagraon News

September 1, 2026

लुधियाना में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर 1 सितंबर से चंडीगढ़ में आयोजित सात दिवसीय पक्के धरने में हिस्सा लेने के लिए लुधियाना जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान रवाना हुए। भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के झंडे तले दर्जनों

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किसान नेताओं ने बताया कि इस लंबे पड़ाव के लिए किसानों ने राशन, लंगर, पानी और रहने-ठहरने का पूरा इंतजाम ट्रॉलियों में ही कर रखा है। ब्लॉक अध्यक्ष बेअंत सिंह, जसविंदर सिंह और अजीत सिंह ने कहा कि किसान इस बार लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ आए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी में तीन दिवसीय प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान बैठक बीच में छोड़कर चले गए थे, लेकिन इस बार किसान अपनी मांगें मनवाए बिना पीछे नहीं हटेंगे।

धरने के लिए जाते किसान

धरने के लिए जाते किसान

जानिए- किन मांगो को लेकर आंदोलन पर उतरे किसान

केंद्र सरकार से मांगें: अमेरिका के साथ हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) रद्द करना, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 23 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देना, सभी कृषि ऋण माफ करना, सीड एक्ट, बिजली संशोधन बिल व प्रदूषण एक्ट रद्द करना और महंगाई पर अंकुश लगाना।

पंजाब सरकार से मांगें: पानी से जुड़े पंजाब विरोधी समझौते रद्द करना, भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (BBMB) में पंजाब की स्थायी सदस्यता बहाल करना, डैम सेफ्टी एक्ट रद्द करना, 65 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10,000 रुपये मासिक पेंशन देना और प्राकृतिक आपदाओं से हुई फसल खराबी का उचित मुआवजा देना।

विधानसभा सत्र की मांग: गांवों में खेती की मोटरों के ट्रांसफार्मर व तारों की चोरी रोकने, मनरेगा मजदूरों की समस्याओं, आवारा पशुओं के स्थायी समाधान और किसानों पर दर्ज पुलिस केसों को रद्द करने के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई है।

धरने के लिए जाते किसान

धरने के लिए जाते किसान

दिल्ली आंदोलन की तर्ज पर बढ़ सकता है धरना

इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह, जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहडका, इंदरजीत सिंह धालीवाल, तरसेम सिंह, अमन शर्मा, हाकम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

यदि केंद्र और राज्य सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए तो चंडीगढ़ में जारी यह 7 दिवसीय पक्का मोर्चा दिल्ली किसान आंदोलन की तर्ज पर अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मोर्चे में सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली और खेत मजदूरों की मांगों का भी पूरा समर्थन किया जाएगा।