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रेलवे ने लाइम स्टोन लदान में कमाए 136 करोड़: जोधपुर मंडल ने तोड़ा अपना रिकॉर्ड, अगस्त में 114 रेक चूना पत्थर भेजा - Jaisalmer News

September 1, 2026

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने माल ढुलाई के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। चालू वित्तीय वर्ष के अगस्त महीने में मंडल ने कुल 114 रेक चूना पत्थर (लाइम स्टोन) अलग-अलग उद्योगों तक भेजकर 136.7 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया है। यह जून 2026 में बना

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सोनू साइडिंग से 113 रेक, बदवासी से 1 रेक रवाना

इस रिकॉर्ड प्रदर्शन में जैसलमेर स्थित सोनू साइडिंग की सबसे बड़ी भूमिका रही। अगस्त में भेजे गए कुल 114 रेक में से 113 रेक सोनू साइडिंग से भरे गए, जबकि 1 रेक बदवासी साइडिंग से रवाना हुआ। यानी कुल माल ढुलाई में सोनू साइडिंग का योगदान करीब 99 प्रतिशत रहा। जैसलमेर की खदानों के पास बनी यह साइडिंग देश के बड़े उद्योगों तक कच्चा माल पहुंचाने की मजबूत कड़ी बन गई है।

इससे पहले जून 2026 में मंडल ने 112 रेक चूना पत्थर भेजा था, जो उस समय का सबसे बेहतर प्रदर्शन था।

इससे पहले जून 2026 में मंडल ने 112 रेक चूना पत्थर भेजा था, जो उस समय का सबसे बेहतर प्रदर्शन था।

दो महीने में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा

जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि अगस्त का प्रदर्शन पिछले सभी रिकॉर्ड से बेहतर रहा है। इससे पहले जून 2026 में जोधपुर मंडल ने 112 रेक चूना पत्थर भेजकर रिकॉर्ड बनाया था। उस समय सोनू साइडिंग से 109 और बदवासी साइडिंग से 3 रेक भेजे गए थे। रेलवे ने महज दो महीने में 2 रेक ज्यादा भरकर अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया।

सीमेंट और स्टील उद्योग के लिए जरूरी कच्चा माल

चूना पत्थर देश के सीमेंट और स्टील उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल है। सोनू इलाके का बेहतर गुणवत्ता वाला चूना पत्थर मालगाड़ियों के जरिए देश के प्रमुख सीमेंट और स्टील कारखानों तक पहुंचाया जा रहा है। रेल से एक साथ भारी मात्रा में माल भेजे जाने से उद्योगों को लगातार कच्चा माल मिल रहा है और उनकी उत्पादन प्रक्रिया सुचारु बनी हुई है।

जैसलमेर की खदानों के पास बनी सोनू रेलवे साइडिंग आज देश के बड़े-बड़े कारखानों तक कच्चा माल पहुँचाने की सबसे मजबूत कड़ी बन चुकी है।

जैसलमेर की खदानों के पास बनी सोनू रेलवे साइडिंग आज देश के बड़े-बड़े कारखानों तक कच्चा माल पहुँचाने की सबसे मजबूत कड़ी बन चुकी है।

बेहतर प्लानिंग और टीमवर्क से मिली सफलता

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी रेलवे टीम को दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर माल लदान योजना, समय पर ट्रेनों के संचालन, साइडिंग के सही प्रबंधन और कर्मचारियों के दिन-रात के प्रयासों से यह रिकॉर्ड बना है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में जोधपुर मंडल माल ढुलाई के क्षेत्र में और नए मुकाम हासिल करेगा और उद्योगों के लिए रेल परिवहन को और आसान बनाएगा।