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दिल्ली: स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ का घोटाला, मंत्री बोले- जवाब दें सचिव, 17 अगस्त तक का अल्टीमेटम

August 13, 2026

दिल्ली: स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ का घोटाला, मंत्री बोले- जवाब दें सचिव, 17 अगस्त तक का अल्टीमेटम

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंहImage Credit source: X/drpankajbjp

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में 650 करोड़ के कथित घोटाले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य सचिव रुपेश ठाकुर के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है. ORS सैशे, अस्पतालों की बेडशीट और पोर्टेबल डिजिटल X-Ray मशीनों की खरीद को लेकर स्वास्थ्य सचिव की ओर से दिए गए जवाब को मंत्री ने असंतोषजनक बताते हुए खारिज कर दिया है. मंत्री ने अब 17 अगस्त तक रिकॉर्ड के आधार पर बिंदुवार और विस्तृत संशोधित जवाब देने के निर्देश दिए हैं.

दरअसल, स्वास्थ्य सचिव की ओर से इन खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB में शिकायत की गई थी. इसी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज हुई और करीब 650 करोड़ रुपये के कथित स्वास्थ्य घोटाले का मामला सामने आया. इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री लगातार स्वास्थ्य सचिव से खरीद से जुड़ी जानकारी और रिकॉर्ड मांग रहे हैं. मंत्री के मुताबिक, अब तक 7 बार जवाब मांगा जा चुका है, लेकिन उन्हें अपेक्षित और विस्तृत जानकारी नहीं मिली.

स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी खरीद से जुड़ी डिटेल

स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि केवल यह कहना कि संबंधित रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के पास हैं, मांगी गई जानकारी रोकने का पर्याप्त आधार नहीं है. मंत्री ने खरीद की दर, GST, वास्तविक लागत, खरीदी गई मात्रा, तकनीकी स्पेसिफिकेशन, सप्लाई ऑर्डर, डिलीवरी डिटेल और तुलनात्मक खरीद से संबंधित जानकारी मांगी है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सीपीए (CPA), अकाउंट्स ब्रांच, पे एंड अकाउंट्स ऑफिस समेत संबंधित कार्यालयों के रिकॉर्ड की जांच कर जानकारी देने के निर्देश दिए हैं. इसमें सप्लाई ऑर्डर, बिल, इनवॉयस, GST डिटेल्स, निरीक्षण एवं स्वीकृति रिपोर्ट, डिलीवरी चालान, क्वांटिटी वैरिफिकेशन सर्टिफिकेट और तुलनात्मक खरीद से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं.

17 अगस्त तक मांगा विस्तृत जवाब

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई रिकॉर्ड जांच एजेंसी द्वारा जब्त है या किसी कानूनी रोक के कारण उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, तो इसकी दस्तावेजी वजह बतानी होगी. सभी उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर 17 अगस्त तक बिंदुवार और रिकॉर्ड आधारित संशोधित जवाब मांगा गया है.

ORS की कीमत पर सवाल

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह का दावा है कि ACB में की गई शिकायत और वास्तविक खरीद की स्थिति में अंतर है. मंत्री के मुताबिक, शिकायत में ORS सैशे की कीमत 15 रुपये प्रति सैशे बताई गई, जबकि विभाग ने इसे 8.70 रुपये में खरीदा था.

बेडशीट खरीद पर भी अलग-अलग दावे

बेडशीट को लेकर शिकायत में दावा किया गया कि करीब 120 रुपये की बेडशीट 500 रुपये में खरीदी गई. इसके जवाब में मंत्री का कहना है कि सरकार ने बेडशीट 390 रुपये में खरीदी, जबकि इसी तरह की बेडशीट AIIMS में करीब 400 रुपये में खरीदी गई है. मंत्री ने सवाल उठाया कि जिस गुणवत्ता और स्पेसिफिकेशन की बेडशीट सरकार ने खरीदी है, वह 120 रुपये में कहां उपलब्ध है, इसका प्रमाण दिया जाना चाहिए.

X-Ray मशीन की कीमत पर भी विवाद

पोर्टेबल डिजिटल X-Ray मशीन को लेकर शिकायत में आरोप था कि करीब 11 लाख रुपये की मशीन 33 लाख रुपये में खरीदी गई. स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि जिस स्पेसिफिकेशन की मशीन सरकार ने खरीदी, उसकी तुलना केवल कीमत के आधार पर नहीं की जा सकती.

मंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार के GeM पोर्टल पर समान स्पेसिफिकेशन वाली मशीनें करीब 33 लाख रुपये में खरीदी गई हैं और उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों द्वारा भी ऐसी मशीनों की खरीद इसी स्तर की कीमत पर की गई है. ऐसे में मंत्री ने सवाल उठाया है कि अगर शिकायत में बताई गई कीमत सही है तो उस स्पेसिफिकेशन की मशीन 11 लाख रुपये में कहां उपलब्ध है.

650 करोड़ के घोटाले पर मंत्री का सवाल

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी सवाल उठाया है कि CPA के तहत कुल खरीद करीब 670 करोड़ रुपये की हुई थी, ऐसे में 650 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा कैसे किया गया. मंत्री के मुताबिक, अगर स्वास्थ्य सचिव की ACB शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं तो उन्हें खरीद से संबंधित पूरा रिकॉर्ड और विस्तृत डिटेल देनी चाहिए. वहीं, अगर जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप गलत पाए जाते हैं तो स्वास्थ्य सचिव की भूमिका पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है.

फिलहाल ORS, बेडशीट और X-Ray मशीनों की खरीद को लेकर मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के अलग-अलग दावों ने दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक खींचतान को सामने ला दिया है. अब सबकी नजर 17 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश किए जाने वाले विस्तृत जवाब और संबंधित खरीद रिकॉर्ड पर है.

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जीतेन्द्र भाटी

जीतेन्द्र भाटी

करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पॉलिटिक्स, क्राइम, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग. BAG Films की नर्सरी से IBN7, आज़ाद न्यूज़, प्रज्ञा TV, 4 रियल न्यूज, Focus News और न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया होते हुए देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में खबरों के बीच सफर जारी.

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