
कक्षा 6-12 के छात्रों के लिए स्पेस क्विज 2026Image Credit source: Getty Images (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अगर आप कक्षा 6 से 12वीं तक पढ़ाई कर रहे हैं और साइंस, अंतरिक्ष या ISRO में आपकी दिलचस्पी है तो आपके लिए अच्छी खबर है. NCERT ने स्कूली छात्रों के लिए विक्रम साराभाई स्पेस क्विज 2026 की घोषणा की है. इस नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में छात्र भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, ISRO के मिशन, उपग्रह, खगोल विज्ञान और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े सवालों का सामना करेंगे. क्विज का मकसद छात्रों में स्पेस साइंस को लेकर रुचि बढ़ाना और उन्हें देश की अंतरिक्ष उपलब्धियों से परिचित कराना है. प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के खास कार्यक्रम में शामिल होने का मौका भी मिलेगा.
कक्षा के हिसाब से दो कैटेगरी
विक्रम साराभाई स्पेस क्विज 2026 में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र हिस्सा ले सकते हैं. प्रतियोगिता को छात्रों की कक्षा के अनुसार दो हिस्सों में बांटा गया है. जूनियर कैटेगरी में कक्षा 6 से 8 तक के छात्र शामिल होंगे, जबकि सीनियर कैटेगरी में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को रखा गया है. इससे छात्रों को अपनी उम्र और शैक्षणिक स्तर के अनुसार सवालों का सामना करने का अवसर मिलेगा.
क्विज में भारत के अंतरिक्ष अभियानों के साथ-साथ ISRO की उपलब्धियों, अंतरिक्ष तकनीक, उपग्रहों और खगोल विज्ञान से जुड़े विषयों पर छात्रों की जानकारी परखी जाएगी. प्रतियोगिता के जरिए उन्हें किताबों से अलग व्यावहारिक और रोचक तरीके से साइंस को समझने का मौका मिलेगा.
पांच जोन में होगी प्रतियोगिता
यह प्रतियोगिता देश के पांच जोन में आयोजित की जाएगी. अलग-अलग जोन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों का चयन किया जाएगा. इनमें से जोनल स्तर के टॉप 30 विजेताओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.
चयनित विजेताओं को अहमदाबाद में आयोजित होने वाले नेशनल स्पेस डे 2026 कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा. छात्रों के लिए यह अनुभव काफी खास हो सकता है, क्योंकि उन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों को करीब से समझने का मौका मिलेगा.
DIKSHA से कर सकते हैं भागीदारी
इस क्विज में शामिल होने के इच्छुक छात्र DIKSHA प्लेटफॉर्म के माध्यम से भाग ले सकते हैं. जूनियर और सीनियर कैटेगरी के लिए अलग-अलग कोर्स उपलब्ध कराए गए हैं. कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थी जूनियर कैटेगरी के संबंधित DIKSHA कोर्स के जरिए क्विज में शामिल होंगे. वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के छात्र सीनियर कैटेगरी के कोर्स के माध्यम से हिस्सा ले सकते हैं.
इस पहल का आयोजन राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस यानी 23 अगस्त के आसपास किया जा रहा है. NCERT ने इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की है. शिक्षा मंत्रालय, DIKSHA और ISRO भी इस पहल से जुड़े हैं. इसका उद्देश्य छात्रों को भारत की अंतरिक्ष यात्रा और वैज्ञानिक उपलब्धियों के बारे में जानकारी देना और उनमें विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि पैदा करना है.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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