मोहम्मद रफ़ी का गाया एक गाना आज भी रिमिक्स गानों की लिस्ट में सबसे टॉप पर आता है। लेकिन 56 ...और पढ़ें
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। जब भी कोई गाना कंपोज होता है कई बार उसके बोल तो कभी उसकी कैची धुन हमारे जहन में बैठ जाती है और हमेशा के लिए याद रह जाती है।
यहीं से एवरग्रीन म्यूजिक का जन्म होता है जो इशारा करता है कि भले ही चाहे गाना कितना पुराना हो जाए ये अभी भी वही फ्रेशनेश के साथ आपके दिमाग को हिट करता है।
गाने की मस्ती ने बनाया मूड
आज आपको मोहम्मद रफी के एक ऐस ही गाने के बारे में बताने जा रहे हैं जो शुरुआत में तो रिजेक्ट हो गया था लेकिन जब रिलीज हुआ तो सदाबहार रोमांटिक गीत बनकर उभरा। मोहम्मद रफी ने अपनी जादुई और रसीली आवाज से इसे गाने में एक अलग ही मस्ती और रिदम भर दिया।

हम बात कर रहे हैं साल 1970 में आई फिल्म 'द ट्रेन' (The Train) के गाने 'गुलाबी आंखे जो तेरी देखी'(Gulabi Aankhen Jo Teri Dekhi) की जिसमें राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) और नंदा (Nanda) ने लीड रोल निभाया था। इस गाने को आवाज दी थी मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) ने और म्यूजिक डायरेक्टर थे आर डी बर्मन (RD Burman)। गाने के बोल आनंद बक्शी (Anand Bakshi) ने लिखे थे।
डायरेक्टर ने पहले रिजेक्ट कर दी थी धुन
आर डी बर्मन ने जब ये धुन फिल्म मेकर्स को सुनाई तो रविकांत नागाइच ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि ये एक सुस्त ट्यून है जबकि फिल्म एक थ्रिलर फिल्म है। बाद में उन्होंने इसमें कुछ बदलाव किए और गाना पर्दे पर आया है।
आर.डी. बर्मन अपने संगीत के लिए अक्सर वेस्टर्न, लैटिन और अरबी संगीत से प्रेरित होकर कुछ गाने बनाते थे। कभी-कभी निर्देशकों के कहने पर धुन रीमेक करते थे। जैसे उन्होंने 'महबूबा महबूबा' या 'आओ ट्विस्ट करें' जैसे गानों के लिए विदेशी धुनों से प्रेरणा ली थी। गुलाबी आंखें का तेज गति वाली बीट्स (Frenetic pacing), गिटार का कॉर्ड प्रोग्रेशन और ड्रम का तालमेल पूरी तरह से पंचम दा के सिग्नेचर स्टाइल था जिसमें इसकी धुन को और भी रंगीन बना दिया।
ये गाना हिंदी सिनेमा की उन रोमांटिक ट्यून्स में से है जिसपर सबसे ज्यादा रिमिक्स बन चुके हैं। भले ही मोहम्मद रफी के गाए इस गाने को अब तक तमाम सिंगर्स रिमिक्स करके गा चुके हैं लेकिन अभी भी ओरिजनल गाने का कोई कॉम्पटीशन नहीं कर पाया है।