अगर आप आज, बुधवार (23 सितंबर) को पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। मंदिर में आज शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक आम श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रहेगा। मध्याह्न भोग के बाद 'वामन जन्म नीति' के विशेष अनुष्ठानों के चलते दर्शन रोके जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे इस 6 घंटे के ब्रेक को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा का प्लान बनाएं।
दोपहर की भोग सेवा से पहले सुबह के समय दर्शन हमेशा की तरह सामान्य रूप से चलेंगे। दोपहर के बाद मंदिर में भीड़ बढ़ सकती है, जो शाम 5 बजे प्रवेश बंद होने से ठीक पहले तक रहेगी। कतारों को साफ करने के लिए मंदिर के कपाट तय समय से थोड़ा पहले भी नए प्रवेश के लिए बंद किए जा सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि शाम 4 बजे तक दर्शन पूरे कर लें, या फिर रात 11 बजे कपाट दोबारा खुलने के बाद ही आएं। यह बदलाव दोपहर की 'द्विप्रहर धूप' नीति के बाद लागू किया जा रहा है।
पुरी जगन्नाथ मंदिर में आज शाम 5 से रात 11 बजे तक दर्शन बंद, देखें अपना ट्रैवल प्लान
मंदिर में आराम से दर्शन करने का सबसे अच्छा समय सुबह-सुबह मंगला आरती से लेकर सकल धूप के बीच होता है। सामान्य दिनों में ये अनुष्ठान सुबह 5:30 से 10 बजे के आसपास तक चलते हैं। इसके बाद दोपहर 12:30 से 1 बजे के करीब 'द्विप्रहर धूप' होती है और फिर थोड़ा विश्राम काल रहता है। दोपहर 2:30 से 4 बजे के बीच भी कतारें थोड़ी हल्की रहती हैं। रात में 'बड़ासिंहार धूप' लगभग 10:30 से 11 बजे तक होती है, जिसके पूरे होने के बाद यानी रात 11 बजे के बाद ही फिर से प्रवेश शुरू हो सकेगा।
मुख्य प्रवेश के लिए बड़ा डंडा स्थित पूर्वी सिंहद्वार का इस्तेमाल करें। नए हेरिटेज कॉरिडोर में कतारों का प्रबंधन, छांव, पीने का पानी, क्लॉक रूम और 6,000 लोगों के लिए होल्डिंग एरिया की व्यवस्था है। बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए जगन्नाथ बल्लभ पार्किंग से पूर्व या उत्तर द्वार तक बैटरी से चलने वाली शटल सेवा उपलब्ध है। सिक्योरिटी चेकिंग से पहले मोबाइल फोन और बैग मुख्य क्लॉक रूम में जमा कराने होंगे।
| मुख्य जानकारी | बुधवार, 23 सितंबर के लिए विवरण |
|---|---|
| दर्शन बंद रहने का समय | शाम 5 से रात 11 बजे तक (वामन जन्म नीति) |
| दर्शन के लिए आसान समय | सुबह 6 से 9:30 बजे; दोपहर 2:30 से शाम 4 बजे तक |
| प्रवेश दोबारा शुरू | रात 11 बजे के बाद (अनुष्ठान पूरे होने पर निर्भर) |
| मुख्य प्रवेश द्वार | सिंहद्वार (पूर्व); हाथी द्वार (उत्तर) |
| प्रमुख पार्किंग स्थल | जगन्नाथ बल्लभ; माटीटोटा; हेलीपैड |
| आधिकारिक अपडेट हैंडल | @SJTA_Puri; @SPPuri1; @dm_puri |
भीड़भाड़ वाले समय में ग्रैंड रोड पर वाहन ले जाने से बचें, क्योंकि मंदिर के पास अक्सर ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहते हैं। सबसे पहले अपनी गाड़ी जगन्नाथ बल्लभ पार्किंग में पार्क करने की कोशिश करें। अगर वह फुल हो, तो माटीटोटा ग्राउंड या हेलीपैड पार्किंग का इस्तेमाल करें। त्योहारों के दौरान मालतीपाटपुर से अठारनाला की तरफ भी शटल गाड़ियां चलती हैं। बड़ाडंडा के पास ट्रैफिक डायवर्जन और सेफ्टी जोन की जानकारी के लिए पुरी पुलिस की एडवाइजरी पर नजर रखें।
पुरी जगन्नाथ मंदिर: एंट्री टाइमिंग, पार्किंग और बुजुर्गों के लिए जरूरी टिप्स
बुजुर्गों और बच्चों के साथ आ रहे लोग पर्याप्त पानी पिएं, छांव वाले शेड में आराम करें और बैटरी शटल का लाभ उठाएं। ध्यान रखें कि मंदिर में कोई पेड वीआईपी (VIP) दर्शन या नियमित ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था नहीं है, इसलिए ठगी के दावों से सावधान रहें। पल-पल के अपडेट्स के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @SJTA_Puri, @SPPuri1 और @dm_puri को फॉलो करें। आधिकारिक सूचनाएं SJTA के पोर्टल पर भी जारी की जाती हैं।