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चंडीगढ़ में नशे का नेटवर्क तोड़ने की तैयारी: प्रशासक कटारिया ने जारी किए 2 हेल्पलाइन नंबर, पहचान रहेगी गुप्त; इनाम भी मिलेगा - Chandigarh News

September 23, 2026

चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया नशे की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर जारी करते हुए।

चंडीगढ़ में नशे पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने अब आम लोगों को सीधे पुलिस तक सूचना पहुंचाने की सुविधा दी है। यूटी प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने दो नंबर जारी किए हैं। इनमें टोल फ्री नंबर 8283040100 और लैंडलाइन नंबर 0172-2677037 शामिल हैं। इन पर नशे की ब

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प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसके अलावा नशे के नेटवर्क तक पहुंचने और कार्रवाई में मदद करने वाली सूचना देने वाले व्यक्ति को इनाम भी दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को बिना किसी डर के नशे से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

अब विस्तार से पढ़ें जानकारी…

  • नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में लोग मदद करें: चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने लोगों से नशे के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस की मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने इलाके में नशे की बिक्री, सप्लाई या इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी है तो वह पुलिस को इसकी सूचना दे सकता है।
  • नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास: डीजीपी ने कहा कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। लोगों को इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि उनकी ओर से दी गई सूचना के बाद उनकी पहचान सामने आएगी। पुलिस का प्रयास नशे की सप्लाई करने वाले नेटवर्क तक पहुंचकर उसके खिलाफ कार्रवाई करना है।
  • अधिकारी कार्रवाई न करे तो वरिष्ठ अधिकारी को बताएं: प्रशासन ने लोगों को यह भरोसा भी दिया है कि यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसके क्षेत्र का संबंधित अधिकारी सूचना मिलने के बाद कार्रवाई नहीं कर रहा है तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक अपनी बात पहुंचा सकता है। जरूरत पड़ने पर व्यक्ति सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर सकता है और नशे से जुड़ी जानकारी दे सकता है।
  • पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं: यूटी प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में केवल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसमें लोगों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी सामने लाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
  • नाइट क्लबों को भी चेतावनी, नियम तोड़े तो एक्शन: प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने देर रात तक चलने वाले नाइट क्लबों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि नाइट क्लबों को निर्धारित नियमों के मुताबिक ही संचालित किया जाएगा। जो संचालक नियमों का पालन करेंगे, उन्हें ही संचालन की अनुमति होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

30 सितंबर डेडलाइन, किसी को नहीं बख्शेंगे कटारिया ने नशामुक्त चंडीगढ़ अभियान के लिए तय 30 सितंबर की अंतिम समय सीमा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डेडलाइन नजदीक आ रही है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी को सहयोग करना होगा।

उन्होंने कहा कि नशे की वजह से कई परिवारों के घर उजड़ चुके हैं। इसलिए नशा करने वालों के साथ-साथ नशा बेचने वाले और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि नशे के नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।