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पंजाब के 45 सरकारी विभागों में कामकाज ठप: PSMSU की कलम छोड़ हड़ताल 21 अगस्त तक बढ़ी, 22-23 को वीकेंड, 27 को बंद का ऐलान - Pathankot News

August 20, 2026

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पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का विरोध तेज हो गया है। पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन (PSMSU) और साझा मुलाजिम मंच के आह्वान पर मिनी सचिवालय में चल रही कलम छोड़ हड़ताल को 21 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।

22 और 23 अगस्त को शनिवार-रविवार की साप्ताहिक छुट्टी होने के कारण अब सरकारी दफ्तरों में कामकाज 24 अगस्त से ही शुरू होगा। यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक, कर्मचारियों में नाराजगी की मुख्य वजह वित्त मंत्री हरपाल चीमा का कर्मचारियों और पेंशनरों को कथित तौर पर ‘एंटी स्टेट’ कहना है।

यूनियन की आपातकालीन ऑनलाइन बैठक में इस बयान के साथ ही सरकार की ओर से डीए पर रोक लगाने के नोटिफिकेशन का भी विरोध किया गया। कर्मचारियों ने मिनी सचिवालय परिसर में कंप्यूटर बंद रखकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।

यूनियन की आपातकालीन ऑनलाइन बैठक में सरकार की ओर से डीए पर रोक लगाने के नोटिफिकेशन का भी विरोध किया गया।

यूनियन की आपातकालीन ऑनलाइन बैठक में सरकार की ओर से डीए पर रोक लगाने के नोटिफिकेशन का भी विरोध किया गया।

लंबा खिंच सकता है कर्मचारियों का संघर्ष

यूनियन अध्यक्ष विशालवीर ने बताया कि 22 अगस्त को साझा मुलाजिम मंच और PSMSU की स्टेट बॉडी की ऑनलाइन बैठक होगी। इसमें आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं है, लेकिन सरकार ने उन्हें संघर्ष के लिए मजबूर किया है।

लोगों को होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी सरकार की

विशालवीर ने कहा कि अगर 21 अगस्त तक कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ तो हड़ताल आगे बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

27 अगस्त को पंजाब बंद की चेतावनी

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं कीं तो 27 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया जाएगा। इससे राज्य की सरकारी मशीनरी प्रभावित हो सकती है। नेताओं का आरोप है कि अदालत के स्पष्ट फैसलों के बावजूद सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान नहीं कर रही है।

आम जनता बेहाल, फाइलों की आवाजाही रुकी

हड़ताल के कारण अकेले पठानकोट में करीब 3,000 फाइलों का काम प्रभावित हुआ है। दूर-दराज के गांवों से प्रशासनिक कार्यों के लिए मिनी सचिवालय पहुंच रहे लोगों को बिना काम कराए ही निराश होकर लौटना पड़ रहा है।

अगली राज्यस्तरीय बैठक 22 अगस्त को होगी

यूनियन नेताओं जगदीप काटल और गुरदीप कुमार सफरी ने कहा कि आम जनता को हो रही परेशानी के लिए पंजाब सरकार की बेरुखी जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि यूनियन की अगली राज्यस्तरीय बैठक 22 अगस्त को होगी। इसमें आंदोलन को और तेज करने को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।