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अंतरिक्ष में बड़ा हादसा! आज चंद्रमा से टकराया 4 हजार किलो वजनी SpaceX Rocket का टुकड़ा | Navbharat Live

August 5, 2026

Updated On: Aug 05, 2026 | 04:06 PM IST

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सार

SpaceX Rocket Crash: स्पेस-एक्स रॉकेट का करीब 4,000 किलो का टुकड़ा आज चंद्रमा की सतह से टकरा गया है। आइंस्टीन क्रेटर पर हुई इस टक्कर से 100 किमी ऊंचा धूल का गुबार उठा।

SpaceX Rocket: SpaceX Rocket Stage Crashes Into Moon Creating Giant Dust Cloud

स्पेस-एक्स रॉकेट की चांद पर टक्कर (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

SpaceX Rocket Stage Crashes Into Moon Creating Giant Dust Cloud: अंतरिक्ष में तैर रहे स्पेस-एक्स रॉकेट का एक बड़ा टुकड़ा बुधवार, 5 अगस्त 2026 को चंद्रमा की सतह से टकरा गया। जनवरी 2025 में लूनर लैंडर के साथ लॉन्च किए गए इस रॉकेट का कुल वजन करीब 4,000 किलोग्राम है। यह बेकाबू टुकड़ा लंबे समय से अंतरिक्ष में बिना दिशा घूम रहा था।

यह ऐतिहासिक टक्कर भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर चांद के पश्चिमी किनारे पर स्थित आइंस्टीन क्रेटर से हुई। लगभग 8,690 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराने वाला यह टुकड़ा आकार में स्कूल-बस के जितना बड़ा है, जिसने सतह पर जोरदार धमाका किया है।

टक्कर का प्रभाव

इस टक्कर से चंद्रमा की शुष्क सतह पर लगभग 100 किलोमीटर ऊंचा धूल-मिट्टी का विशाल गुबार उठा है। यह विशाल गुबार सूर्य के प्रकाश में चमकेगा। हालांकि, इसे पृथ्वी से बिना किसी उपकरण के नंगी आंखों से देखना वैज्ञानिकों के अनुसार बहुत ही मुश्किल होगा।

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मलबे का इतिहास

यह टुकड़ा वास्तव में स्पेस-एक्स फैल्कन-9 रॉकेट का दूसरा चरण है, जिसने फायरफ्लाई एयरोस्पेस के लूनर लैंडर को अंतरिक्ष में भेजा था। काम पूरा होने के बाद यह हिस्सा हजारों मलबे के टुकड़ों के बीच बिना किसी निश्चित नियंत्रण या दिशा के अंतरिक्ष में घूम रहा था।

पृथ्वी पर क्यों नहीं गिरा

आमतौर पर रॉकेट के हिस्से पृथ्वी के वायुमंडल में गिरकर जल जाते हैं या समुद्र में गिर जाते हैं। लेकिन 2025 के इस लूनर लैंडर मिशन को पृथ्वी के करीबी मिशनों की तुलना में काफी अधिक थ्रस्ट की आवश्यकता थी, जिससे यह दूसरा चरण अंतरिक्ष में ही रह गया।

वैज्ञानिकों के लिए रिसर्च

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इस भीषण टक्कर की तस्वीरें लेने के नए अवसर तलाश रही है। इस टकराव से हमारी पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। इससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा के क्रेटर और सतह के गुणों का अध्ययन करने और आगे वैज्ञानिक रिसर्च करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।

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भविष्य की अंतरिक्ष राह

इस घटना को लेकर पूरी दुनिया के वैज्ञानिक और उत्सुक लोग काफी रोमांचित हैं। अंतरिक्ष मलबे की टक्कर का ऐसा अध्ययन भविष्य के चंद्रमा मिशनों की सुरक्षा बढ़ाने में उपयोगी होगा। यह टक्कर अंतरिक्ष विज्ञान में मलबे के अध्ययन का एक नया रास्ता खोलती है।

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