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रेखा की शादी के बाद मंदिर में बैन हो गई थी पुजारी की एंट्री! कौन थे वो 4 लोग, जो इसमें शामिल हुए

October 10, 2026

रेखा और मुकेश अग्रवाल की शादी रातोंरात कैसे तय हुई? पहली रस्म में सिर्फ चार लोग थे। जानिए, मंदिर में हुई शादी, हेमा मालिनी से मुलाकात और तिरुपति की कहानी।

रेखा की निजी जिंदगी हमेशा सुर्खियों में रही है, लेकिन उनकी शादी की कहानी आज भी लोगों को हैरान करती है। 10 अक्टूबर 1954 को चेन्नई में जन्मीं रेखा 10 अक्टूबर 2026 को 72 साल की हो गईं। 1990 में उन्होंने दिल्ली के कारोबारी मुकेश अग्रवाल से शादी की। कहा जाता है कि पहली शादी किसी बड़े समारोह में नहीं, बल्कि अचानक लिए गए फैसले के बाद मुंबई के एक मंदिर में हुई थी, जहां सिर्फ चार लोग मौजूद थे। बाद में दोनों ने तिरुपति में परिवार की मौजूदगी में शादी की रस्में दोबारा निभाईं। मुकेश की सात महीने बाद मौत हो गई।

1990 में हुई थी रेखा-मुकेश अग्रवाल की शादी

रेखा की शादी कारोबारी मुकेश अग्रवाल से हुई थी। दिल्ली में रहने वाले मुकेश का फिल्म इंडस्ट्री से सीधा संबंध नहीं था। दोनों ने 1990 में शादी की, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल पाया। शादी के लगभग सात महीने बाद अक्टूबर 1990 में मुकेश की आत्महत्या से मौत हो गई। यासेर उस्मान की किताब ‘रेखा: द अनटोल्ड स्टोरी’ के मुताबिक, रेखा और मुकेश अग्रवाल की मुलाकात फैशन डिजाइनर बीना रमानी के जरिए हुई थी। बीना दोनों की साझा दोस्त थीं।

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दोस्त के कहने पर मुकेश अग्रवाल से मिली थीं रेखा?

रेखा के एक बयान के मुताबिक, उन्होंने मुकेश से पहली बार मिलने के बाद अपनी दोस्त सुरिंदर के कहने पर उनसे दोबारा मिलने का फैसला किया था। वह दिल्ली में मुकेश के परिवार से भी मिलीं और उन्हें परिवार पसंद आया। हालांकि, दोनों की पहली मुलाकात कितनी बार हुई थी, इसे लेकर अलग-अलग बयान सामने आए हैं। बीना रमानी ने बताया था कि रेखा और मुकेश शादी से पहले कई बार मिले थे, जबकि रेखा ने एक इंटरव्यू में मुकेश से सिर्फ एक बार मुलाकात की बात कही थी।

मुकेश अग्रवाल ने रेखा को शादी के लिए कब प्रपोज किया था?

किताब के मुताबिक, पहली मुलाकात के करीब एक महीने बाद 4 मार्च 1990 को मुकेश ने रेखा को शादी के लिए प्रपोज किया। वह मुंबई आए और उत्साह में रेखा से कहा, “चलो, अभी के अभी शादी कर लेते हैं।” रेखा की दोस्त सुरिंदर ने भी उन्हें इस प्रस्ताव के लिए हामी भरने को प्रोत्साहित किया। इसके बाद दोनों ने उसी दिन शादी करने का फैसला कर लिया। उस वक्त दोनों के परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे। शादी का फैसला इतनी जल्दी लिया गया कि उन्हें उसी शाम मंदिर की तलाश करनी पड़ी। यही वजह है कि उनकी पहली शादी की रस्म किसी भव्य समारोह के बजाय बेहद छोटे और निजी तरीके से हुई।

रेखा और मुकेश अग्रवाल की शादी किस मंदिर में हुई थी?

रेखा और मुकेश अग्रवाल की पहली शादी मुंबई के जुहू स्थित मुक्तेश्वर देवालय में हुई थी। किताब में दिए गए विवरण के मुताबिक, रेखा ने लाल और सुनहरे रंग की कांजीवरम साड़ी पहनी थी। वह मुकेश और अपनी दोस्त सुरिंदर के साथ मंदिर की तलाश में निकलीं। पहले वे एक दूसरे मंदिर पहुंचे, लेकिन वहां पुजारी नहीं मिला। इसके बाद वे मुक्तेश्वर देवालय पहुंचे। मंदिर के पुजारी संजय बोडस उस समय मंदिर के पीछे बने कमरे में सोने जा चुके थे। मुकेश ने उन्हें जगाकर तुरंत शादी कराने की बात कही।

बताया जाता है कि मंदिर का नियम शाम की आरती के बाद दोबारा उसे खोलने की अनुमति नहीं देता था। इसके बावजूद पुजारी ने मंदिर खोला और रात करीब 10:30 बजे दोनों की शादी की रस्म पूरी कराई। इस पहली रस्म में सिर्फ चार लोग मौजूद थे—रेखा, मुकेश अग्रवाल, उनकी साझा दोस्त सुरिंदर और पुजारी संजय बोडस। रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के नियम तोड़कर शादी कराने के बाद पुजारी को दोबारा वहां प्रवेश नहीं मिला।

शादी के बाद सबसे पहले किससे मिलने गई थीं रेखा?

शादी के बाद मुकेश अग्रवाल अपने कुछ फिल्मी दोस्तों से मिलना चाहते थे। उन्होंने अकबर खान और संजय खान से मिलने की इच्छा जताई, लेकिन रेखा ने इसके बजाय अपनी करीबी दोस्त हेमा मालिनी के घर जाने का सुझाव दिया। दोनों वहां पहुंचे तो धर्मेंद्र भी मौजूद थे। रेखा और मुकेश को साथ देखकर हेमा मालिनी हैरान रह गईं। उन्होंने रेखा से पूछा, “यह मत कहना कि तुम लोगों ने शादी कर ली है।” रेखा ने जवाब दिया, “जी हां, बिल्कुल।” इसके बाद हेमा ने मुकेश के बारे में पूछा, “क्या वह बहुत अमीर है?” इस सवाल पर रेखा ने कोई जवाब नहीं दिया। यह किस्सा रेखा और मुकेश की शादी से जुड़ी किताब पर आधारित मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है।

रेखा और मुकेश अग्रवाल ने तिरुपति में दोबारा शादी क्यों की?

मुंबई के मुक्तेश्वर देवालय में पहली रस्म के बाद रेखा और मुकेश अग्रवाल ने 15 अप्रैल 1990 को तिरुपति बालाजी मंदिर में दोबारा शादी की रस्में निभाईं। इस बार रेखा की मां पुष्पावल्ली मौजूद थीं। उनके पिता जेमिनी गणेशन भी अपने दोस्त राघवेंद्र राव के साथ पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद दिया। इस तरह दोनों की शादी से जुड़ी दो रस्मों का जिक्र मिलता है—पहली, 4 मार्च को मुंबई के मंदिर में हुई निजी रस्म, जिसमें केवल चार लोग शामिल थे; और दूसरी, अप्रैल में तिरुपति में परिवार की मौजूदगी में निभाई गई रस्म। शादी के लगभग सात महीने बाद अक्टूबर 1990 में मुकेश अग्रवाल की आत्महत्या से मौत हो गई। इस घटना ने रेखा की निजी जिंदगी को लंबे समय तक चर्चा में रखा।