Vahan-4.0 पोर्टल पर वाहन रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर और फाइनेंस जैसी सेवाओं के ऑटो अप्रूवल को लेकर मध्यप्रदेश के RTO अधिकारियों ने आपत्ति जताई है। संगठन ने परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर बकाया टैक्स की जांच और गणना का अधिकार RTO के पास रखने की मांग की है।
Vahan-4.0 की ऑटो अप्रूवल व्यवस्था पर MP के RTO अधिकारियों ने आपत्ति जताई है।
- Published: 15 Sep 2026, 03:08 PM IST
- Last Updated: 15 Sep 2026, 03:08 PM IST
भोपाल। वाहन रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर और फाइनेंस समाप्ति जैसी सेवाओं को Vahan-4.0 पोर्टल पर ऑटो अप्रूवल मोड में किए जाने को लेकर मध्यप्रदेश के RTO अधिकारियों में असंतोष है।
मध्यप्रदेश परिवहन अधिकारी संगठन ने परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि वाहनों के पुराने बकाया टैक्स की जांच और गणना का अधिकार RTO अधिकारियों के पास ही रखा जाए।
संगठन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऑटो अप्रूवल होने से दस्तावेज और टैक्स की जांच में अधिकारियों की भूमिका सीमित हो सकती है। उधर, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर उमेश जोगा का कहना है कि इस संबंध में राज्य शासन को पत्र भेज दिया गया है। जल्द इस मामले का समाधान जल्द होने की उम्मीद है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से RTO के अधिकार घटने की आपत्ति
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने Vahan-4.0 पोर्टल पर कई सेवाओं को ऑटो अप्रूवल मोड में किया है। इसका उद्देश्य वाहन मालिकों को RTO के चक्कर लगाने से राहत देना और तय समय में ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराना है। आवेदन और जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड होने के बाद प्रक्रिया स्वत: आगे बढ़ेगी।
इसमें RC में पता बदलना, वाहन ट्रांसफर और फाइनेंस से जुड़ी प्रविष्टियों सहित कई सेवाएं शामिल हैं। हालांकि व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेशभर के RTO अधिकारियों ने इसके कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताई है।
मध्यप्रदेश परिवहन अधिकारी संगठन ने परिवहन आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि ऑटो अप्रूवल व्यवस्था के कारण वाहनों के दस्तावेज और टैक्स से जुड़े मामलों की जांच प्रभावित हो सकती है।
संगठन ने इस मुद्दे को राज्य शासन के माध्यम से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय तक पहुंचाने की मांग की है। परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने भी संगठन की मांग पर राज्य शासन के जरिए मंत्रालय को पत्र लिखने की अनुशंसा की है।
कई सेवाएं पहले ही ऑनलाइन, निजी हाथों में जाने का दावा
RTO अधिकारियों का कहना है कि परिवहन विभाग की कई सेवाएं पहले ही ऑनलाइन हो चुकी हैं या निजी स्तर पर संचालित की जा रही हैं। वाहनों की फिटनेस और लर्निंग लाइसेंस से जुड़े काम निजी स्तर पर किए जा रहे हैं। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस की व्यवस्था को भी निजीकरण की दिशा में ले जाने की तैयारी बताई जा रही है।
इसके अलावा पता, जन्मतिथि, फोटो और हस्ताक्षर में सुधार, मोबाइल नंबर अपडेट, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट, डुप्लीकेट परमिट और डुप्लीकेट फिटनेस सर्टिफिकेट जैसी सेवाएं भी ऑनलाइन की जा रही हैं। अधिकारियों का तर्क है कि इससे RTO कार्यालयों की प्रत्यक्ष भूमिका लगातार कम हो रही है।
9 महीने में 24 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व का दावा
संगठन ने परिवहन आयुक्त को भेजे पत्र में राजस्व का आंकड़ा भी दिया है। इसके मुताबिक जनवरी 2026 से 9 सितंबर 2026 तक विभिन्न सेवाओं के आवेदनों के निराकरण के दौरान प्रदेश के RTO कार्यालयों ने करीब 24 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व वसूल किया है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि बकाया टैक्स की जांच और गणना भी पूरी तरह ऑटो अप्रूवल प्रक्रिया में चली गई तो पुराने टैक्स की सही वसूली प्रभावित हो सकती है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।
बकाया टैक्स की गणना RTO से कराने की मांग
RTO अधिकारियों की सबसे प्रमुख मांग वाहनों पर पुराने बकाया टैक्स की जांच और गणना का अधिकार बनाए रखने की है। संगठन का कहना है कि Vahan-4.0 पोर्टल पर बकाया टैक्स की गणना में RTO की भूमिका जरूरी है, ताकि पुराने कर की सही जांच हो सके और शासन को मिलने वाला राजस्व सुरक्षित रहे।
अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सेवाओं से वाहन मालिकों को सुविधा मिलना जरूरी है, लेकिन इसके साथ दस्तावेजों और टैक्स की जांच की मजबूत व्यवस्था भी जरूरी है। इसी वजह से संगठन ने ऑटो अप्रूवल व्यवस्था की समीक्षा करने और RTO अधिकारियों के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग की है।