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जेयू में ‘समय खराब’: 380 दिन बाद रिजल्ट, CAG रिपोर्ट में खुलासा; 2 लाख छात्रों का भविष्य अटका! - Gwalior News

September 11, 2026

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ग्वालियर38 मिनट पहलेलेखक: रामरूप महाजन

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लेटलतीफी के कारण छात्र नौकरी-एडमिशन की दौड़ में पिछड़े, पूरक परीक्षा वालों को भी 182 दिन तक नतीजों का इंतजार

जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) से जुड़े 450 कॉलेजों के 2 लाख छात्र परीक्षा और रिजल्ट की लेटलतीफी से परेशान हैं। नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तीन शैक्षणिक सत्रों में परीक्षाएं कराने से लेकर रिजल्ट घोषित करने तक विश्वविद्यालय तय समय से लगातार पिछड़ा। सबसे खराब स्थिति पीजी में रही।

सत्र 2023-24 में पहले और तीसरे सेमेस्टर व एटीकेटी के रिजल्ट 244 से 380 दिन की देरी से जारी हुए। यानी रिजल्ट के आधार पर छात्रों को अगली पढ़ाई, नौकरी या दूसरे संस्थान में प्रवेश के लिए आवेदन करना था, उसके लिए उन्हें एक साल तक इंतजार करना पड़ा। यूजी की पूरक परीक्षाओं में भी यही हाल रहा। 2022-23 में परीक्षा कराने में 95 से 161 दिन और रिजल्ट घोषित करने में 116 से 182 दिन की देरी हुई। इससे कई छात्रों का अगली कक्षा या नए कोर्स में प्रवेश प्रभावित हुआ। कई की साल तक बर्बाद हो गई।

तीन साल का हिसाब: परीक्षा भी लेट, रिजल्ट भी

स्रोत: नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की मध्यप्रदेश शासन पर रिपोर्ट

करोड़ों रुपए खर्च, फिर भी समय पर परीक्षा-रिजल्ट नहीं जेयू के परीक्षा और गोपनीय विभाग में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। इनके वेतन-भत्तों सहित परीक्षा व्यवस्था पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। छात्र भी परीक्षा शुल्क देते हैं। इसके बावजूद तीन सत्रों तक न परीक्षाएं समय पर हो सकीं और न रिजल्ट। स्थिति पूरी तरह सुधरी भी नहीं है। सत्र 2025-26 में कुछ कोर्स की परीक्षाएं करीब 60 दिन देरी से हुईं और कुछ रिजल्ट भी दो महीने तक लेट हुए।

आगे की परीक्षाएं और रिजल्ट समय पर आएंगे- डॉ. आशा कुमारी, परीक्षा नियंत्रक 3 साल की भारी लेटलतीफी के लिए जिम्मेदार कौन है? इस पर मैं कुछ नहीं कह सकती। मामला मेरे पदभार संभालने से पहले का है। करोड़ों का बजट और भारी-भरकम स्टाफ होने के बावजूद इतनी लापरवाही क्यों हुई? पुराने मामलों पर मैं टिप्पणी नहीं करूंगी। मेरे परीक्षा नियंत्रक बनने के बाद से यूजी और पीजी की अधिकांश परीक्षाएं कैलेंडर के अनुसार ही आयोजित की गई हैं। नए सत्र 2026-27 में भी क्या छात्र इसी तरह परेशान होंगे? आपकी क्या प्लानिंग है? बिल्कुल नहीं। आगामी सत्र की परीक्षाएं निर्धारित एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार ही होंगी। इसके लिए कॉलेजों को पत्र भेज दिया है। सिलेबस पूरा करने के लिए उन्हें एक्स्ट्रा क्लास लेनी पड़ेगी।

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