मुंबई(उत्तम हिन्दू न्यूज)- भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद बढ़त के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत की मजबूती के साथ 76,515.43 और निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 45892 करोड़ रुपये घट गया।
दिन के दौरान बाजार में तेजी का नेतृत्व मेटल और कमोडिटीज ने किया। सूचकांकों में निफ्टी मेटल (1.07 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (0.55 प्रतिशत) की तेजी के साथ टॉप गेनर्स थे। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.49 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.39 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (0.30 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.28 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.21 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसई (0.04 ) प्रतिशत की मजबूती के साथ हरे निशान में बंद हुए।
गुरुवार को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,25,801.32 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 45,892.024 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।
दूसरी तरफ निफ्टी रियल्टी (0.90 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (0.87 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (0.68 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (0.47 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.45 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (0.44 प्रतिशत) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.43 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 156.15 अंक या 0.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63,079.05 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 44.70 अंक या 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 20,095.45 पर था।
जानकारों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी गई। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेजी सीमित रही। निवेशकों की नजर आज आने वाले अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर है, जबकि ब्याज दरों के भविष्य का अंदाजा लगाने के लिए अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी खुदरा महंगाई के आंकड़े अहम होंगे। अगस्त में कोर महंगाई दर में मामूली गिरावट की आम उम्मीदों से फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला रुकने की संभावना मजबूत हो सकती है और इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को काबू में रखने में मदद मिल सकती है।
You Might Be Interested In
- चमत्कारः नेपाल में आई बाढ़ से टनल में फंसा शख्स 9 दिन तक करता रहा ‘हरे कृष्णा’ का जाप, जन्माष्टमी के दिन मिला जीवनदान
- पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर सीजेपी का प्रदर्शन जारी, पप्पू यादव भी हुए शामिल
- पश्चिम बंगाल सरकार के सांस्कृतिक सलाहकार बनेंगे मिथुन चक्रवर्ती, सीएम सुवेंदु अधिकारी ने किया ऐलान
- जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन, मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी ढेर, AK-47 बरामद; दूसरा घेरे में फंसा
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर पहली बार सभी 39 सब-डिवीजनों में यादृच्छिक (रैंडमाइजेशन) प्रक्रिया से सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति
- नेपाल के लिए Nvidia के CEO ने बढ़ाया मदद का हाथ, आपदा राहत कोष में दिए 84 करोड़ रुपए