मुंबई2 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

शेयर बाजार में आज सोमवार, 7 सितंबर को गिरावट है। सेंसेक्स 350 अंक गिरकर 76,150 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की गिरावट है, ये 23,800 के स्तर पर आ गया है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 6912 | +221 | +3.27% |
| निक्केई (जापान) | 66231 | +1439 | +2.21% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25393 | -258 | -1.07% |
3 सितंबर को अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 53414 | -272 | -0.51% |
| नैस्डैक | 26507 | -77 | -0.29% |
| S&P 500 | 7719 | -29 | -0.38% |
घरेलू निवेशकों ने 7 दिन में 18,568 करोड़ के शेयर खरीदे
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | +8,930 | +18,568 | +69,068 |
| FII/FPI | -3,112 | +2,374 | -8,046 |
NSE के प्री-ओपन सेशन के नियमों में आज से बदलाव
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने आज से शेयर बाजार खुलने से पहले के 'प्री-ओपन सेशन' के नियमों में बदलाव कर दिया है।
नया नियम लागू हो चुका है और इसका मकसद ऑर्डर मैचिंग की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और बेहतर बनाना है।
शेयर बाजार खुलने से पहले का कुल प्री-ओपन समय 15 मिनट- सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक ही रहेगा।
ऑर्डर सबमिट करने की टाइमिंग बदली
- सुबह 9:00 से 9:05 बजे तक: ट्रेडर्स मार्केट ऑर्डर और लिमिट ऑर्डर दोनों दर्ज करा सकेंगे।
- मार्केट ऑर्डर डालने के लिए अब ट्रेडर्स के पास केवल शुरुआती 5 मिनट का ही समय होगा।
- एल्गो मार्केट ऑर्डर्स भी सुबह 9:00 से 9:05 बजे के बीच ही लगाए जा सकेंगे।
- सुबह 9:05 से 9:10 बजे तक: सिर्फ और सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही स्वीकार किए जाएंगे।
- ऑर्डर कलेक्शन की विंडो सुबह 9:08 बजे से 9:10 बजे के बीच कभी भी रैंडम तरीके से बंद हो जाएगी।
शेयर की कीमत और मैचिंग का समय
- सुबह 9:10 से 9:12 बजे तक: सिस्टम सभी ऑर्डर्स को मैच करेगा और शेयर का ओपनिंग प्राइस तय होगा।
- ऑर्डर एंट्री का समय खत्म होते ही तुरंत ऑर्डर मैचिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इन विशेष ऑर्डर्स पर रोक लगी
- प्री-ओपन सेशन में स्टॉप लॉस (SL) ऑर्डर्स की इजाजत नहीं होगी।
- इमीडिएट या कैंसिल (IOC) ऑर्डर्स पर भी रोक रहेगी।
- डिस्क्लोज्ड क्वांटिटी (DQ) वाले ऑर्डर्स भी प्री-ओपन सेशन में नहीं लगाए जा सकेंगे।
मैचिंग में मार्केट ऑर्डर को प्राथमिकता मिलेगी
- नए नियमों में मार्केट ऑर्डर को लिमिट ऑर्डर के मुकाबले पहले प्राथमिकता दी जाएगी।
- सबसे पहले योग्य मार्केट ऑर्डर्स को टाइम प्रायोरिटी पर इक्विलिब्रियम प्राइस पर मैच किया जाएगा।
- अगर मैचिंग के बाद भी कुछ मार्केट ऑर्डर बच जाते हैं, तो उन्हें प्राइस-टाइम प्रायोरिटी के हिसाब से लिमिट ऑर्डर्स के साथ मैच किया जाएगा।
मार्केट बंद या आउटेज की स्थिति में क्या होगा
- अगर बाजार में इंडेक्स-बेस्ड सर्किट लगता है या कोई टेक्निकल खराबी आती है, तो ट्रेडिंग दोबारा प्री-ओपन सेशन से ही शुरू होगी।
- ऐसी आपात स्थिति में प्री-ओपन सेशन का नया समय एक्सचेंज उसी दिन अलग से जारी करेगा।
2 काम की बातें समझें
- मार्केट और लिमिट ऑर्डर: मार्केट ऑर्डर में निवेशक शेयर को मौजूदा बाजार भाव पर तुरंत खरीदने-बेचने की रिक्वेस्ट डालता है, जबकि लिमिट ऑर्डर में निवेशक अपनी पसंद की कीमत तय करता है।
- इक्विलिब्रियम प्राइस: प्री-ओपन सेशन में जिस रेट पर सबसे ज्यादा शेयरों की खरीद-बिक्री मैच होती है, वही उस शेयर का ओपनिंग प्राइस बनता है।
शुक्रवार को बाजार में रही थी तेजी
शेयर बाजार में शुक्रवार, 4 सितंबर को तेजी रही। सेंसेक्स 362 अंक चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। निफ्टी में 24 अंक की तेजी रही, ये 23897 के स्तर पर बंद हुआ था।

.