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फोटोकॉपी की दुकान पर मिले 3400 SIR फॉर्म, मचा भारी हंगामा; 5 बीएलओ सस्पेंड

August 28, 2026

Aug 28, 2026 10:58 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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शिवसेना (यूबीटी) नेता ने सवाल उठाया कि मतदाताओं की ओर से भरे गए फॉर्म किसी निजी व्यक्ति के पास कैसे पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि जांच और पुलिस पड़ताल के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

3400 SIR forms found at a photocopy shop spark massive uproar 5 BLOs suspended

वोटर लिस्ट के एसआईआर की प्रक्रिया जारी है।

महाराष्ट्र में पनवेल विधानसभा क्षेत्र के तहत खारघर में निजी फोटोकॉपी की दुकान से मतदाता सूची के SIR से जुड़े 3,400 फॉर्म मिले हैं। इसे लेकर प्रशासन ने 5 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को सस्पेंड कर दिया है। प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान एक निजी दुकान में बड़ी संख्या में शासकीय फॉर्म मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। रायगढ़ के जिधिकारी किशन जावले ने पांचों बीएलओ के निलंबन की पुष्टि की और बताया कि इस मामले में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

साथ ही, पुलिस ने सूरज पाटिल नामक व्यक्ति के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। किसी निजी प्रतिष्ठान से इतनी बड़ी संख्या में ब्योरेवार फॉर्म बरामद होने से मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया और संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि यह फॉर्म फोटोकॉपी की दुकान तक कैसे पहुंचे और क्या इनके रखरखाव में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।

शिवसेना (यूबीटी) के पूरे मामले पर उठाए सवाल

इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारी बालेश भोजने ने सवाल उठाया कि मतदाताओं की ओर से भरे गए शासकीय फॉर्म किसी निजी व्यक्ति के पास कैसे पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि चल रही जांच और पुलिस पड़ताल के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने BLO के बारे में क्या कहा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीते दिनों बीएलओ को भारतीय लोकतंत्र की नींव बताया था। उन्होंने कहा कि उनकी पारदर्शिता और समर्पण ने उन्हें मतदाताओं के साथ-साथ देश व दुनिया में पहचान दिलाई है। कुमार ने लखनऊ में बीएलओ के साथ बातचीत के दौरान कहा कि भारत निर्वाचन आयोग संविधान, कानूनों और आयोग के निर्देशों के तहत पारदर्शी तरीके से चुनाव कराता है। उन्होंने कहा, 'बीएलओ भारतीय लोकतंत्र की नींव हैं। वे अपनी पारदर्शिता और समर्पण के लिए अपने-अपने बूथों पर मतदाताओं के बीच जाने जाते हैं।' मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि उन्होंने बीएलओ के सुझाव सुनने और उनके सवालों का समाधान करने के लिए उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि बीएलओ जमीनी स्तर पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।