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औरंगाबाद में 'सहयोग शिविर' से प्रशासन पहुंचा गांव-गांव: 33 पंचायतों, सभी नगर निकायों में लगे कैंप; 1130 आवेदन मिले, 96% मामलों के निष्पादन का दावा - Aurangabad (Bihar) News

July 21, 2026

बिहार सरकार के निर्देश पर मंगलवार को औरंगाबाद की 33 ग्राम पंचायतों और सभी नगर निकायों में 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों की शिकायतों का त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराना था।

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नबीनगर प्रखंड की पीपरा पंचायत स्थित प्लस-टू उच्च विद्यालय सत्येंद्र नारायण सिंह परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा संयुक्त रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस दौरान अधिकारियों ने लाभुकों के बीच ई-श्रम कार्ड, जॉब कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड वितरित किए, वहीं दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल भी सौंपी गई।

सहयोग शिविर में पहुंची डीएम अभिलाषा शर्मा।

सहयोग शिविर में पहुंची डीएम अभिलाषा शर्मा।

15 से 30 दिनों में शिकायतों के समाधान का लक्ष्य

जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि 'सहयोग शिविर' का उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है, ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने बताया कि भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, आय-आवासीय प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, मनरेगा, बिजली, पेयजल, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी विभागों से संबंधित आवेदन शिविर में लिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सामान्य मामलों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर और अधिकांश मामलों का समाधान 15 दिनों के अंदर करने का प्रयास किया जाएगा। भूमि विवाद जैसे मामलों का भी विधिसम्मत एवं शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

डीएम ने बताया कि पीपरा पंचायत से 56 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 53 का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में सहयोग अभियान के तहत अब तक प्राप्त लगभग 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जिससे औरंगाबाद राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल है।

ग्रामीणों के शिकायतों को देखती डीएम अभिलाषा शर्मा।

ग्रामीणों के शिकायतों को देखती डीएम अभिलाषा शर्मा।

स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और जनकल्याण योजनाओं पर भी रहा फोकस

शिविरों में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभुकों के आवेदन स्वीकार किए। स्वास्थ्य विभाग ने दवा वितरण, नेत्र जांच, रक्त जांच, रक्तचाप जांच, आयुष्मान भारत कार्ड, यूडीआईडी कार्ड तथा प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी स्क्रीनिंग और जांच की सुविधा उपलब्ध कराई।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि टीबी मरीजों को निःशुल्क इलाज के साथ पोषण सहायता किट भी दी जा रही है। वहीं साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेष जागरूकता शिविर भी लगाया गया, जहां लोगों को ओटीपी, बैंक खाते और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी गई।

पूरे जिले में आयोजित 33 पंचायतों और सभी नगर निकायों के सहयोग शिविरों के माध्यम से कुल 1,130 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दी गई है। शिविरों का निरीक्षण उप विकास आयुक्त अनुपम सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जयप्रकाश नारायण, सदर एसडीओ गौरव सिंह, दाउदनगर एसडीओ अमित राजन समेत कई जिलास्तरीय अधिकारियों ने किया।

जिला प्रशासन ने कहा कि सहयोग शिविर केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक भविष्य में भी अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।