Ranchi News : झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर जारी रैंकिंग ने राज्य की पुलिसिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. रैंकिंग में झारखंड 32वें स्थान पर है और राज्य का कुल स्कोर 56.08 अंक दर्ज किया गया है. यानी देशभर के मूल्यांकन में झारखंड पुलिस अभी उस स्तर पर नहीं पहुंच सकी है, जहां तकनीक और पुलिसिंग के आधुनिक मानकों पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है.
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हालांकि, इसी रैंकिंग में सिमडेगा पुलिस ने राज्य की तस्वीर को कुछ हद तक बेहतर किया है. सिमडेगा ने 64.74 अंक हासिल किए हैं. प्रशासनिक सुधार में 17.05, ऑपरेशनल एफिशिएंसी में 32.98, आईसीटी एप्लीकेशन में 10 और इंटीग्रेशन में 4.71 अंक हासिल किए. खासकर आईसीटी एप्लीकेशन में पूरे 10 अंक हासिल करना बताता है कि जिले में तकनीक आधारित पुलिसिंग के मानकों पर काम हुआ है.
पलामू के आंकड़े ने बढ़ाई चिंता
वहीं, पलामू पुलिस का प्रदर्शन इस रैंकिंग में सबसे कमजोर नजर आता है. जिले का कुल स्कोर सिर्फ 48.43 अंक रहा. प्रशासनिक सुधार में 17.05 और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में 26.67 अंक मिले, लेकिन आईसीटी एप्लीकेशन में पलामू को एक भी अंक नहीं मिला. स्कोर सीधे शून्य है.
डिजिटल पुलिसिंग के दौर में यह आंकड़ा अपने आप में बड़ा सवाल है. जिस मूल्यांकन में ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति और MedLEaPR जैसे तकनीकी मानकों को शामिल किया गया है, उसमें आईसीटी श्रेणी में शून्य अंक मिलना पलामू पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जरूरत को सामने लाता है.
मुख्यालय की निगाह में सिमडेगा और पलामू
रैंकिंग सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने भी इसे गंभीरता से लिया और जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. सिमडेगा और पलामू के एसपी को ऑनलाइन बैठक में शामिल करने के लिए कहा गया. यह बताता है कि रैंकिंग के आंकड़ों को महज कागजी रिपोर्ट मानकर छोड़ने के बजाय मुख्यालय स्तर पर इसकी समीक्षा की जा रही है.
सिमडेगा का प्रदर्शन इस मायने में महत्वपूर्ण है कि उसने उन्हीं मानकों पर बेहतर अंक हासिल किए हैं, जिन पर राज्य के दूसरे जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा. दूसरी ओर पलामू का 48.43 अंक और आईसीटी में शून्य पुलिस मुख्यालय के लिए सबसे बड़ा समीक्षा बिंदु बन गया है.
एक तरफ सिमडेगा 64.74 अंक के साथ उम्मीद जगाता है, दूसरी तरफ पलामू 48.43 अंक पर सवाल छोड़ता है. और पूरे राज्य का 32वें स्थान पर रहना बताता है कि झारखंड पुलिस को अभी कई मोर्चों पर अपनी रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है.
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