जमीन की रजिस्ट्रियों में कथित धोखाधड़ी के चार मामलों में FIR दर्ज होने के बावजूद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सोमवार को पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा। जमीन गंवाने का आरोप लगाने वाले दर्जनों लोग SP कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी
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पीड़ितों ने पुलिस के सामने दावा किया कि कुछ आरोपितों की जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट तक से खारिज हो चुकी हैं। इसके बावजूद वे खुले घूम रहे हैं। इससे पीड़ितों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की कि जमीनों की रजिस्ट्रियों, तहसील रिकॉर्ड और संबंधित बैंक खातों की जांच कर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, एसपी ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। वहीं, विरोध जताने पहुंचे एक शिकायतकर्ता ने कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात कही। इसके अलावा करीब आधा दर्जन ऐसे लोग भी SP कार्यालय पहुंचे, जिन्होंने बताया कि उनकी शिकायतों पर फिलहाल DDR दर्ज की गई है और वे भी पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

रतौड़ गांव से शिकायत लेकर SP ऑफिस पहुंचे पति-पत्नी।
'लोन के नाम पर कागजों पर करवाते थे हस्ताक्षर'
SP ऑफिस पहुंचे खानपुर ब्राह्मणा निवासी शिव कुमार ने आरोप लगाया कि अलग-अलग गांवों के करीब 16 लोग इस तरह की शिकायत लेकर सामने आए हैं। उनका कहना था कि लोन दिलाने के नाम पर जमीन से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे लगवाए गए और बाद में जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई।
शिव कुमार ने आरोप लगाया कि मामले में संदीप गोयल, गौरव गोयल, राजेश और अन्य लोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में FIR दर्ज होने के बावजूद लंबे समय से कार्रवाई नहीं हुई है। उनके अनुसार, शिकायतकर्ताओं की रिपोर्ट इकोनॉमिक सेल में भेजी गई है।

SP ऑफिस पहुंचे खानपुर ब्राह्मणा निवासी शिव कुमार।
पूर्व सरपंच का आरोप- गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को बनाया निशाना
कलाल माजरी के पूर्व सरपंच महाराज सिंह राणा भी शिकायतकर्ताओं के साथ SP ऑफिस पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर कागजात पर हस्ताक्षर करवाए जाते थे। उनका कहना था कि कई लोग कम पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए उन्हें दस्तावेजों की पूरी जानकारी नहीं होती थी।
महाराज सिंह ने दावा किया कि अलग-अलग गांवों के करीब 16 लोग इस तरह की शिकायतें लेकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और अब पुलिस कार्रवाई का इंतजार है।

शिकायतकर्ताओं के साथ SP ऑफिस पहुंचे कलाल माजरी के पूर्व सरपंच महाराज सिंह राणा।
महिला बोली- 6 किल्ले में से 3 की रजिस्ट्री दूसरे के नाम करा दी
रतौड़ गांव की ममता देवी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के पास 6 किल्ले जमीन थी। उनके अनुसार, लोन के नाम पर जमीन से संबंधित प्रक्रिया करवाई गई। बाद में जब उन्होंने अपनी 3 किल्ले जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात की तो आरोप है कि वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम करवा दी गई।
ममता देवी ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ी रकम गौरव गोयल ने अपने पास रख ली। उन्होंने दावा किया कि जिस जमीन को वापस दिलाने की बात कही गई थी, उसे भी आगे बेचने की कोशिश की गई और हाल में उस पर 55 लाख रुपए का बयाना लेने का आरोप है। महिला ने बताया कि उन्होंने पुलिस को शिकायत दी है और अब जमीन के इंतकाल की स्थिति भी जांची जा रही है।

6 किल्ले जमीन होने का दावा करतीं रतौड़ निवासी ममता देवी।
एक शिकायतकर्ता का आरोप- बेटे को बंधक बनाकर मारपीट की
SP ऑफिस पहुंचे एक अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाया कि 2 तारीख को उसके साथ मारपीट की गई। उसने आरोप लगाया कि गौरव गोयल और राजेश के कहने पर उसके बेटे को बंधक बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। व्यक्ति ने कहा कि घटना के बाद उसका परिवार डर के माहौल में है।
उसने प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होगा। उसने पूरे मामले में करीब 300 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया। हालांकि इस रकम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।