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सार
Mumbai Development: मुंबई 3.0 का मास्टर प्लान 30 हफ्तों में तैयार होगा। 323.44 वर्ग किमी में नया आर्थिक केंद्र विकसित होगा, जिसमें स्मार्ट, कनेक्टेड और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर होगा।

मुंबई 3.0 मास्टर प्लान को लेकर एग्रीमेंट (फोटो नवभारत)
विस्तार
Mumbai Development Master Plan: मुंबई महानगर क्षेत्र के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए MMRDA ने सिंगापुर स्थित वैश्विक अर्बन प्लानिंग कंपनी सुरबाना जुरोंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ करार किया है। इस समझौते के तहत कंपनी अब ‘मुंबई 3.0’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट, मास्टर प्लान और नियोजन ढांचा तैयार करेगी।
CM देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में MMRDA के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी और सुरबाना जुरोंग के दक्षिण एशिया प्रमुख अविनाश मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त्त मुख्य सचिव लोकेश चंद्र एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
क्या है मुंबई 3.0?
महाराष्ट्र सरकार ने 15 अक्टूबर 2024 को मुंबई 3.0 को अधिसूचित किया था। यह परियोजना रायगढ़ जिले के पनवेल, उरण और पेन तालुका के 124 गांवों में 323.44 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली है। अटल सेतु, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और JNPT के प्रभाव क्षेत्र में स्थित इस नए शहर को आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, संस्थागत और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। MMRDA को इसका न्यू टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी नियुक्त किया गया है।
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30 हफ्तों में तैयार होगा प्लान
सुरबाना जुरोंग 30 हफ्तों में पूरा नियोजन आधार तैयार करेगी। 4 हफ्ते में Inception Report,10 हफ्ते में Existing Situation Analysis, 16 हफ्ते में Vision Document, 24 हफ्ते में Draft Concept Land Use Plan और 30 सप्ताह में Final Concept Plan तैयार कर लिया जाएगा।
योजना के ताहत मौजूदा जमीन उपयोग, सड़क नेटवर्क, जनसांख्यिकी, पर्यावरण और सुविधाओं का अध्ययन कर दीर्घकालिक आर्थिक और स्थानिक ढांचा बनाया जाएगा। विजन डॉक्यूमेंट में मुंबई 3.0 की आर्थिक स्थिति, निवेश थीम, उत्प्रेरक प्रोजेक्ट और प्लेस-मेकिंग सिद्धांत तय होंगे।
एकीकृत नियोजन का लक्ष्य
ड्राफ्ट कॉन्सेप्ट प्लान के तीन अहम हिस्से होंगे। इनमें Concept Structure Plan जिसमें भूमि उपयोग, विकास नोड्स और ग्रोथ कॉरिडोर। Concept Mobility Plan में मास ट्रांजिट, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी एवं Concept Infrastructure Plan में जलापूर्ति, सीवेज, बिजली, कचरा प्रबंधन और ब्लू-ग्रीन नेटवर्क होगा। स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन-आधारित इकोसिस्टम पर भी जोर रहेगा।
दावोस से शुरुआत
यह करार जनवरी 2026 में दावोस में हुए MoU का परिणाम है। 4 जून 2026 को महाराष्ट्र सरकार ने G2G आधार पर सुरबाना जुरोंग की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। सुरबाना जुरोंग सिंगापुर की HDB और JTC जैसी संस्थाओं से निकली कंपनी है और 40 देशों में 16,000 पेशेवरों के साथ काम करती है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, NITI Aayog ने भी MMR को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की संभावना जताई है। नवी मुंबई एयरपोर्ट और अन्य प्रोजेक्ट्स से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। सुरबाना जुरोंग का अनुभव तीसरे मुंबई को गति देगा। भारत की अगली ग्रोथ तीसरे और चौथे मुंबई से आएगी।
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इंडिया की मॉडल सिटी – डीसीएम शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमारा लक्ष्य मुंबई 3.0 को सिर्फ नया ग्रोथ सेंटर नहीं, बल्कि भारत के लिए मॉडल सिटी बनाना है। यह सस्टेनेबल, कनेक्टेड और आर्थिक रूप से जीवंत शहर होगा। वहीं MMRDA आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा, हमने लोगों को केंद्र में रखकर नई भूमि नीति बनाई है।
इसमें जमीन मालिकों को आर्थिक मुआवजे के साथ विकास में भागीदारी भी मिलेगी। MMRDA का लक्ष्य मुंबई 3.0 को मौजूदा महानगर का विस्तार नहीं, बल्कि MMR और महाराष्ट्र का नया आर्थिक इंजन बनाना है।
