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वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर21 मिनट पहले
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मुजफ्फरनगर में व्यापारियों को देश-विदेश में बड़े व्यापारिक ऑर्डर और विदेशी खरीदार उपलब्ध कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया। पुलिस ने ‘विजन ट्रेड इंडिया’ के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक पैन कार्ड, कंपनी से जुड़े दस्तावेज और ICE-UK के फर्जी प्रमाण-पत्र बरामद किए गए हैं।
‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल की शिकायतों से मिला सुराग
SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बुधवार अपराह्न करीब 4 बजे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के ‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल पर मिली साइबर अपराध की शिकायतों की जांच के दौरान ठगी की रकम मुजफ्फरनगर में एटीएम के जरिए निकाले जाने की जानकारी मिली।
इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया।
वेबसाइट के जरिए व्यापारियों को जाल में फंसाते थे
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ‘विजन ट्रेड इंडिया’ नाम की वेबसाइट के जरिए व्यापारियों से संपर्क करते थे। कृषि उत्पाद, कपड़े और फैशन, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और रसायन समेत कई उत्पादों के लिए विदेशी खरीदार और बड़े व्यापारिक ऑर्डर दिलाने का दावा किया जाता था।
इसके बदले व्यापारियों से सब्सक्रिप्शन और सदस्यता शुल्क के नाम पर रकम जमा कराई जाती थी। व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने और विदेशी बाजार में खरीदार उपलब्ध कराने का भरोसा देकर उन्हें भुगतान के लिए तैयार किया जाता था।
फर्जी सर्टिफिकेशन के नाम पर लेते थे अतिरिक्त रकम
पुलिस के मुताबिक, सदस्यता शुल्क लेने के बाद ठगी का दूसरा चरण शुरू होता था। व्यापारियों से GMP, ISO और ICE-UK जैसे सर्टिफिकेशन और वेरिफिकेशन कराने के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराई जाती थी।
जांच में पुलिस को ये प्रमाण-पत्र फर्जी मिले हैं। रकम लेने के बाद आरोपियों की ओर से व्यापारियों को वास्तविक खरीदार उपलब्ध नहीं कराया जाता था और न ही कोई व्यापारिक सौदा कराया जाता था।

पैसे लेने के बाद व्हाट्सऐप पर जवाब देना बंद
पुलिस के अनुसार, कुछ समय बाद आरोपी व्यापारियों के फोन और व्हाट्सऐप संदेशों का जवाब देना भी बंद कर देते थे। अलग-अलग राज्यों से मिली शिकायतों की जांच में अब तक 30 से अधिक मामले सामने आए हैं। इनमें करीब 1.50 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है।
पुलिस का कहना है कि ठगी की वास्तविक रकम इससे ज्यादा हो सकती है। गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल सैनी, गौरव कुमार और शिवम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और देशभर में की गई संभावित ठगी के बारे में जानकारी जुटा रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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