जयपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1A और 1B पर यात्रियों के लिए टॉयलेट की सुविधा नहीं है। करीब 900 मीटर लंबे इस प्लेटफॉर्म से रोजाना दिल्ली, रेवाड़ी, सीकर, उदयपुर और जैसलमेर सहित कई रूट की 20 से ज्यादा ट्रेनें चलती हैं। यहां रोजाना अप-डाउन करने वाले यात
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दैनिक भास्कर ने बुधवार को पूरे प्लेटफॉर्म पर जाकर यात्रियों से बातचीत की। टॉयलेट की सुविधा को लेकर परेशानी जानी। यात्रियों ने बताया- जरूरत पड़ने पर दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाना पड़ता है। कई यात्री ट्रेन आने का इंतजार करते हैं, ताकि ट्रेन के टॉयलेट का इस्तेमाल कर सकें। महिलाओं के लिए परेशानी ज्यादा है, क्योंकि पूरे प्लेटफॉर्म पर कहीं भी वॉशरूम की सुविधा नहीं है।

इस प्लेटफॉर्म से रोजाना हजारों पैसेंजर्स ट्रैवल करते है।
पांच घंटे ट्रेन का इंतजार, ट्रेन में जाकर किया टॉयलेट का इस्तेमाल
यात्री विनोद शर्मा ने बताया- मैं इस प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच घंटे से इंतजार कर रहा हूं। मेरी उदयपुर के लिए ट्रेन है, जो दो घंटे लेट है। मैंने पूरे प्लेटफॉर्म पर चक्कर लगाकर देखा, लेकिन कहीं भी टॉयलेट नहीं मिला। अभी जो ट्रेन आई थी, उसमें जाकर टॉयलेट का इस्तेमाल किया।
महिलाओं के लिए ज्यादा परेशानी
प्लेटफॉर्म पर पुरुष यात्री किसी तरह मैनेज कर रहे हैं, लेकिन महिला यात्रियों के लिए स्थिति ज्यादा मुश्किल है। यात्री रितु शर्मा ने बताया- मेरी ट्रेन करीब एक से डेढ़ घंटे बाद है। मैं एक घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रही हूं, लेकिन इस प्लेटफॉर्म पर कहीं भी टॉयलेट नहीं मिला। कई महिलाएं यहां टॉयलेट के लिए परेशान होती है। मुझे भी वॉशरूम इस्तेमाल करना था, लेकिन यहां इसकी सुविधा नहीं है।

इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर एक भी टॉयलेट की सुविधा नहीं, पैसेंजर्स ट्रेन में जाने को मजबूर।
1A-1B पर नहीं, बाकी प्लेटफॉर्म पर सुविधा
जयपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2, 3, 4 और 5 पर यात्रियों के लिए टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध है। परेशानी मुख्य रूप से प्लेटफॉर्म नंबर 1A और 1B पर है। इन प्लेटफॉर्म का नाम हाल ही में बदला गया है। पहले इन्हें प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। रिडेवलपमेंट के बाद भी सुविधा का सवाल
जयपुर जंक्शन को वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी के साथ रिडेवलप किया जा रहा है। स्टेशन के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर 700 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। लंबे समय से यहां निर्माण और रिडेवलपमेंट का काम चल रहा है। ऐसे में यात्रियों का सवाल है कि इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर टॉयलेट जैसी बेसिक सुविधा क्यों नहीं है।

प्लेटफॉर्म पर सीढ़ियों के नीचे बोर्ड रखा तो मिला, लेकिन कहीं भी टॉयलेट नहीं।
NSG-1 कैटेगरी में जयपुर जंक्शन
जयपुर जंक्शन उत्तर पश्चिम रेलवे का एकमात्र स्टेशन है, जिसे NSG-1 यानी नॉन-सबरबन ग्रुप-1 कैटेगरी में शामिल किया गया है। रेलवे स्टेशनों की यह कैटेगरी मुख्य रूप से यात्री संख्या और रेलवे की आय जैसे मानकों के आधार पर तय की जाती है। ऐसे प्रमुख स्टेशन पर यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
रेलवे नियम में हर प्लेटफॉर्म पर न्यूनतम 1 टॉयलेट-1 यूरिनल का प्रावधान रेलवे बोर्ड के मिनिमम एसेंशियल पैसेंजर एमेनिटिज के 2018 मानकों के मुताबिक स्टेशनों पर यात्रियों के लिए न्यूनतम सुविधाएं तय हैं। इनमें प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर कम से कम 1 टॉयलेट और 1 यूरिनल का प्रावधान है। उच्चतम श्रेणी के स्टेशन के लिए यह संख्या 12-12 तक है। यात्रियों को शिकायत के लिए भी साफ जानकारी नहीं प्लेटफॉर्म पर टॉयलेट नहीं होने के साथ यात्रियों के सामने यह सवाल भी है कि इसकी शिकायत कहां और कैसे करें। रेलवे के स्टेशन परिसर में शिकायत व्यवस्था और हेल्पलाइन की जानकारी यात्रियों के लिए आसानी से उपलब्ध होना जरूरी है।