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क्या है हब-एंड-स्पोक रूल? जिसे तोड़ कर भाग निकले 3 विदेशी और पकड़ ली म्यूनिख फ्लाइट

September 15, 2026

Sep 15, 2026 05:50 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने 12 सितंबर को एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

क्या है हब-एंड-स्पोक रूल? जिसे तोड़ कर भाग निकले 3 विदेशी और पकड़ ली म्यूनिख फ्लाइट

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अमृतसर से दिल्ली होते हुए म्यूनिख (जर्मनी) जा रहे इटली के तीन नागरिकों के बिना इमिग्रेशन औपचारिकताएं पूरी किए भारत छोड़ देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। 4 सितंबर को हुई इस घटना ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के महत्वाकांक्षी 'हब-एंड-स्पोक' (Hub-and-Spoke) मॉडल की सुरक्षा व्यवस्था और एयरलाइंस के तालमेल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने 12 सितंबर को एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

क्या है पूरा मामला और कहां हुई चूक?

इटली के तीन यात्रियों ने 4 सितंबर को अमृतसर से दिल्ली के लिए एयर इंडिया की कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ी। उन्हें अमृतसर में ही आगे दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली 'लुफ्थांसा' फ्लाइट के बोर्डिंग पास भी जारी कर दिए गए थे।

नियम के मुताबिक, इन यात्रियों को दिल्ली उतरकर अराइवल एरिया से बाहर आना था और वहां स्थित इमिग्रेशन काउंटर पर अपनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद ही लुफ्थांसा की फ्लाइट में सवार होना था।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर एयरलाइन या सिक्योरिटी स्टाफ की लापरवाही के कारण यात्रियों को सीधे 'इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया' में भेज दिया गया। इमिग्रेशन की मुहर लगे बिना ही तीनों यात्री म्यूनिख जाने वाले लुफ्थांसा विमान में बोर्ड कर गए।

एअर इंडिया और लुफ्थांसा के बीच 'इंटरलाइन पार्टनरशिप' है, जिससे यात्री एक ही टिकट पर दोनों एयरलाइंस की कनेक्टिंग फ्लाइट्स बुक कर सकते हैं। लेकिन यह स्पेशल हब-एंड-स्पोक रूट का हिस्सा नहीं था।

क्या है 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल और इसके SOP नियम?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने छोटे शहरों (Tier-II और Tier-III) के यात्रियों की सहूलियत के लिए जून 2026 में 'इजी कनेक्ट' मॉडल शुरू किया था।

इस मॉडल के तहत वाराणसी, अमृतसर और अहमदाबाद जैसे 'स्पोक' एयरपोर्ट्स से उड़ान भरने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का इमिग्रेशन और कस्टम्स क्लीयरेंस उनके अपने शहर के एयरपोर्ट पर ही पूरा कर लिया जाता है।

जब यात्री दिल्ली ('हब' एयरपोर्ट) पहुंचता है, तो उसे दोबारा इमिग्रेशन लाइन में नहीं लगना पड़ता और उसका सामान भी सीधे अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का अलगाव: स्पोक से आने वाली फ्लाइट में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों तरह के यात्री होते हैं। उन्हें अलग रखने के लिए दो अलग-अलग रंग के बोर्डिंग पास-'D' (डोमेस्टिक) और 'I' (इंटरनेशनल) जारी किए जाते हैं। दिल्ली उतरते ही 'D' और 'I' टैग वाले यात्रियों को अलग-अलग रास्तों से भेजा जाता है।

सरकार का रुख और आगे की जांच

मामले के खुलासे के बाद गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई थी, हालांकि बाद में इसे टाल दिया गया।

जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि बोर्डिंग पास जारी करने वाले काउंटर, एयरपोर्ट ग्राउंड स्टाफ या सिक्योरिटी चेकिंग के किस स्तर पर 'SOP' का उल्लंघन हुआ। सरकार का लक्ष्य 2030 तक भारत को प्रमुख विमानन हब बनाना है, लेकिन इस तरह की सुरक्षा चूक ने पूरे सिस्टम की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।