लखनऊ4 घंटे पहले
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लखनऊ के केसरी खेड़ा में डेढ़ साल तक हवा में अटका रहा ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया है। रेलवे क्रॉसिंग पर बना यह फ्लाईओवर जल्द ही आम लोगों के लिए खुल जाएगा। हालांकि लोगों ने आना-जाना अभी शुरू कर दिया है।
17 जुलाई 2023 को इस ओवरब्रिज का काम शुरू हुआ था, लेकिन इसके बीच में एक कॉम्प्लेक्स आने के कारण जून 2024 से जून 2025 तक तक काम रुका रहा। इसके बाद कॉम्प्लेक्स तोड़ा गया, फिर दोबारा काम शुरू हुआ। अब फ्लाईओवर का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। 974 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज के निर्माण पर करीब 84 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
फिलहाल ओवरब्रिज के उद्धाटन से पहले फिनिशिंग टच दिया जा रहा है। दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट लगाने, रंगाई-पुताई का कम चल रहा है। फ्लाईओवर शुरू होने का क्षेत्र के लोगों को बेसब्री से इंतजार है। लोगों का कहना है कि इसके शुरू होने से रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। पहले यहां अक्सर जाम में एंबुलेंस फंस जाया करती थीं। कई बार मरीज दम भी तोड़ देते थे।
केसरीखेड़ा ओवरब्रिज की 4 तस्वीरें देखिए …

केसरीखेड़ा ओवरब्रिज का निर्माण करीब तीन साल तक चला। अब इसे फिनिशिंग टच दिया जा रहा है।

पुल पर मजदूर रंगाई-पुताई के काम में जुटे हुए हैं। सेतू निगम के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इसके उद्धाटन की तारीख भी घोषित की जाएगी।

केसरीखेड़ा ओवरब्रिज के बीच में यही कॉम्प्लेक्स आ गया था, जिससे काम रुक गया था। इसे जानबूझकर मुआवजे के लिए बनाया गया था।

फ्लाईओवर पर आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इसके बावजूद कुछ लोग ऊपर से आ जा रहे हैं।
ब्रिज के बीच में कॉम्प्लेक्स आने से रुक गया था काम
ओवरब्रिज निर्माण के दौरान बीच में एक 4 मंजिला कॉम्प्लेक्स आ गया था। इसके चलते पुल का निर्माण कार्य रोकना पड़ा। करीब एक साल तक काम बंद रहा। इस दौरान 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले 3 लाख से अधिक लोगों को रोजाना जाम से जूझना पड़ा। वहीं, स्थानीय व्यापारियों का कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।
इलाके के 3 लाख लोगों को मिलेगी राहत
स्थानीय निवासी दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ये फ्लाईओवर 3 लाख लोगों की राहत का जरिया बनेगा। जब से निर्माण शुरू हुआ है विगत 3 सालों से आवागमन में बहुत परेशानी हो रही है। स्कूल छूटने के बाद बच्चे घंटों जाम से जूझते हैं। इसे देख कर अब राहत की सांस ले रहे हैं।
इस इलाके का बहुत बड़ा काम हुआ है। हम लोग बहुत खुश हैं। पुल शुरू होने से केसरी खेड़ा के साथ मानस नगर, विजय नगर, चुन्नू खेड़ा, प्रसादी खेड़ा, पंडित खेड़ा, शुभम सिटी, गोकुल स्टेट, बालकृष्ण नगर समेत दर्जनों काॅलोनी के लोगों को राहत मिलेगी।

दिलीप कुमार ने कहा निर्माण से 3 लाख की आबादी को जाम से निजात मिलेगा।
ब्रिज बनने से 6 किलोमीटर का रास्ता कम हुआ
हंसखेड़ा के रहने वाले डेविड रावत ने बताया कि पुल निर्माण से बहुत राहत होगी। क्रॉसिंग पर चार पहिया वाहन के कारण जाम लगता है। रास्ता खराब होने की वजह से कई बार दोपहिया वाहन हादसे का शिकार होते थे। फ्लाईओवर न होने की वजह से 6 किलोमीटर घूम कर आना-जाना पड़ता है। 70 साल की मां हैं। उनका लोकबंधु अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुल के शुरू हो जाने से सबसे बड़ी राहत मां को अस्पताल ले जाने में होगी।

व्यापारी बोले- उद्घाटन के दिन बांटेंगे लड्डू
स्थानीय व्यापारी दीपू यादव ने बताया कि यहां रोजाना 2 से 3 घंटे तक जाम लगा रहता है। इससे स्कूली छात्रों को परेशानी होती है और समय पर अपने काम पर नहीं पहुंच पाते। एंबुलेंस को भी जाम के कारण निकलने में काफी दिक्कत होती है। कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और एंबुलेंस में ही उनकी जान चली गई।
दीपू ने बताया कि यहीं उनकी सीमेंट-मौरंग की दुकान है, लेकिन जाम और निर्माण कार्य के कारण कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ। अब फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है। बस इसके उद्घाटन का इंतजार है। उन्होंने कहा कि जिस दिन फ्लाईओवर शुरू होगा, व्यापारी खुशी में लड्डू बांटेंगे।
उन्होंने कहा कि जब फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रुका हुआ था, तब काफी निराशा होती थी। अब निर्माण पूरा होने के बाद खुशी है। उम्मीद है रोजाना लगने वाले जाम से लोगों और व्यापारियों को राहत मिलेगी।

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राजधानी लखनऊ में 973 मीटर का ओवरब्रिज 8 महीने से हवा में लटक रहा है। वजह- चार मंजिला बिल्डिंग है। दरअसल, जुलाई- 2023 में जिस वक्त ब्रिज का पहला पिलर बनना शुरू हुआ, उसी वक्त करीब 500 मीटर की दूरी पर इस बिल्डिंग की नींव भी रखी गई। एक ओर पुल बनता गया, दूसरी ओर बिल्डिंग भी बनती गई। पूरी खबर पढ़ें
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