IIT-Bombay student death case: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वकोडे की मौत के मामले में कैंपस में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. शुक्रवार रात छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर मामले की जांच के लिए गठित आंतरिक समिति के पुनर्गठन की मांग की. छात्रों ने आरोप लगाया कि मौजूदा समिति के कुछ सदस्यों ने मामले में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के प्रति समर्थन जताया है. छात्रों ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए समिति में संस्थान के मौजूदा कर्मचारियों और छात्रों को शामिल नहीं करने की मांग की है. इस बीच साहिल के माता-पिता ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर आईआईटी बॉम्बे के छात्रों से समर्थन की अपील की है. साहिल के पिता ने वीडियो संदेश में कहा कि वह सोमवार से मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठेंगे.
साहिल वकोडे की 18 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के छात्रावास स्थित कमरे में मौत हो गई थी. घटना के एक सप्ताह पूरे होने पर छात्रों ने संस्थान के मुख्य द्वार स्थित जस्टिस कॉर्नर से छात्रावास-4 तक कैंडल मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मामले की जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग उठाई.
साहिल के पिता की भावुक अपील
हां, नमस्ते बच्चों… मैं साहिल का फादर बोल रहा हूं, यह साहिल की मदर है. आपसे मेरी इतनी गुजारिश है कि यह पुलिस के लोग मेरे को अंदर आने नहीं दे रहे, मैं दो-चार बार आके गया. अभी मैं मंडे से आजाद मैदान में अनशन करूगा… मेरे को आजाद मैदान मुंबई की परमिशन दी है. मैं मंडे को अनशन पर बैठने वाला हूं.
यह लोग आप लोगों के बीच गलतफहमी फैला रहे हैं कि साहिल के माता-जी पिताजी कुछ नहीं कर रहे. लेकिन साहिल तो गुजर गया बेटा, आपसे विनती है कि आपका करियर भी अच्छी हो, इसलिए आप ज्यादातर अनशन रखो. मेरा तो बच्चा गया, आप मेरे को सपोर्ट करो. अंदर जो हुआ, वो सत्य सबको मालूम को होना चाहिए यही हम चाहते हैं.
10 सदस्यीय समिति के पुनर्गठन की मांग
आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ने इस सप्ताह की शुरुआत में साहिल की मौत से जुड़े हालात की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की थी. छात्रों का कहना है कि समिति की संरचना पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि नई समिति में आईआईटी बॉम्बे के मौजूदा कर्मचारियों या छात्रों को सदस्य न बनाया जाए. छात्रों ने समिति में चार प्रमुख हस्तियों में से कम से कम दो को शामिल करने की मांग भी रखी है. इनमें योजना आयोग के पूर्व सदस्य भालचंद्र मुंगेकर, पत्रकार पी. साईनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनियानी और शिक्षाविद् सुखदेव थोराट के नाम शामिल हैं.
छात्रों ने यह भी मांग की कि आपराधिक जांच पूरी होने तक प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को उनकी सभी जिम्मेदारियों से मुक्त रखा जाए. डूला का नाम साहिल की मौत से जुड़े जातिगत भेदभाव और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों वाली प्राथमिकी में दर्ज है. संस्थान की ओर से उन्हें पहले ही छुट्टी पर भेजे जाने की जानकारी दी गई है.
निदेशक के इस्तीफे की भी मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आईआईटी बॉम्बे के निदेशक श्रीश केदार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है. छात्रों का कहना है कि मामले की जांच ऐसी समिति से कराई जानी चाहिए जिस पर किसी तरह का संस्थागत प्रभाव न हो. इस बीच साहिल के माता-पिता ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर आईआईटी बॉम्बे के छात्रों से समर्थन की अपील की है. साहिल के पिता ने वीडियो संदेश में कहा कि वह सोमवार से मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठेंगे. उन्होंने छात्रों से अनशन जारी रखने और मामले से जुड़े किसी भी संभावित सबूत को सुरक्षित रखने की अपील की.
साहिल के पिता ने कहा कि वह अपने बेटे के लिए न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे. उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि उनके पास मामले से संबंधित कोई सबूत है तो उसे सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच और अदालत की कार्यवाही में उसका इस्तेमाल किया जा सके.
मामले की जांच पर टिकी नजर
साहिल की मौत के मामले में पुलिस की आपराधिक जांच के साथ आईआईटी बॉम्बे की आंतरिक जांच भी चल रही है. छात्रों के विरोध और समिति के पुनर्गठन की मांग के बीच अब संस्थान के अगले कदम पर नजर है. फिलहाल प्रदर्शनकारी छात्र निष्पक्ष जांच, समिति के पुनर्गठन और आरोपी प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक सभी जिम्मेदारियों से अलग रखने की मांग कर रहे हैं.

जयप्रकाश सिंह
जयप्रकाश सिंह का नाम देश के चुनिंदा क्राइम रिपोर्टर में आता है. लंबे समय से टीवी जर्नलिस्ट के तौर पर सेवाएं जारीं. करीब तीन दशकों से सक्रिय पत्रकारिता का हिस्सा. प्रोड्यूसर, एंकर और क्राइम रिपोर्टर की भूमिका. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में मुंबई से कार्यरत. इसके पहले 2012 से 2022 तक मुंबई में इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ रहे. 2005 से 2012 तक नेटवर्क18 ग्रुप के आईबीएन7 चैनल में डिप्टी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली. 2004 से 2005 तक सहारा समय मुंबई में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पॉन्डेंट काम किया. 2002 से 2004 तक मुंबई ब्यूरो में बीएजी फिल्म्स के चीफ रहे. नवभारत टाइम्स मुंबई में 1997 में जॉइन किया और यहां 2 साल काम किया. इससे पहले भी चार संस्थानों में काम किया.
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