गोंडा2 घंटे पहले
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गोंडा के मालवीय नगर की रहने वाली वीना श्रीवास्तव को साइबर ठगों ने जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल की। मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक खाते से जुड़ी कथित गड़बड़ी का आरोप लगाकर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी दी। डर के माहौल में महिला से अलग-अलग बैंक खातों से आरटीजीएस के जरिए 21 लाख 30 हजार 600 रुपए ट्रांसफर करा लिए गए।
रुपए भेजने के बाद जब आरोपियों से संपर्क नहीं हुआ, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ। उनकी शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में 10 अक्टूबर को शाम 6:30 बजे मुकदमा दर्ज किया गया। सोमवार सुबह मामले की एफआईआर सामने आई। पुलिस ने बैंक लेनदेन और व्हाट्सएप पर हुई बातचीत से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर गिरफ्तारी की धमकी दी
एफआईआर के मुताबिक, 9 अक्टूबर को वीना श्रीवास्तव के मोबाइल पर 7429557353 नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जांच एजेंसी का प्रतिनिधि बताया। उसने दावा किया कि महिला का नाम वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सामने आया है। साथ ही आईसीआईसीआई बैंक में उनके नाम से 24 लाख रुपए से जुड़े मामले का हवाला देकर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी दी। महिला ने बताया कि इस बैंक में उनका कोई खाता नहीं है, लेकिन आरोपी लगातार दबाव बनाते रहे।
आरबीआई, सेबी और NIA के फर्जी पत्र भेजे
ठगों ने भरोसा जीतने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), सेबी और एनआईए के नाम से कथित सरकारी लेटरहेड पर फर्जी पत्र भेजे। आरोपियों ने महिला से कहा कि जांच पूरी होने तक उनकी जमा पूंजी आरबीआई के सरकारी खाते में सुरक्षित रखी जाएगी और सत्यापन के बाद रकम वापस कर दी जाएगी। गिरफ्तारी के डर और मानसिक दबाव में महिला ने उनके बताए खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए।

मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक खाते से जुड़ी कथित गड़बड़ी का आरोप लगाकर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की धमकी दी।
दो बैंक खातों से ट्रांसफर कराए 21.30 लाख
शिकायत के अनुसार, महिला के उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक खाते से 14 लाख 300 रुपए और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 7 लाख 30 हजार 300 रुपए आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कराए गए। दोनों रकम मिलाकर कुल 21 लाख 30 हजार 600 रुपए होते हैं। पैसे भेजने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया। इसके बाद महिला को समझ आया कि जांच और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनके साथ ऑनलाइन ठगी की गई है।
साइबर थाना प्रभारी ने मांगे लेनदेन के साक्ष्य
मामले की विवेचना साइबर थाना प्रभारी सत्य प्रकाश यादव को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि पीड़िता से बैंक लेनदेन की पूरी जानकारी और व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के विवरण मांगे गए हैं। यदि कॉल की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है, तो उसे भी देने के लिए कहा गया है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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