नयी दिल्ली, छह अक्टूबर (भाषा) दिल्ली हवाई अड्डे पर टर्मिनल के बीच यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने और हवाई अड्डे के आसपास यातायात का दबाव कम करने के लिए 2030 तक स्वचालित यात्री परिवहन प्रणाली (एपीएम) शुरू होने की उम्मीद है। इस पर करीब 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रदीप पणिकर ने कहा कि प्रस्तावित एपीएम हवाई अड्डे के लिए 2036 तक के 10-वर्षीय मास्टर प्लान का हिस्सा है।
एपीएम एक चालक-रहित परिवहन प्रणाली होती है, जो यात्रियों को हवाई अड्डे के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक ले जाती है। इसके शुरू होने के पहले वर्ष में प्रतिदिन करीब 55,000 लोगों के इसके इस्तेमाल करने का अनुमान है।
अधिकारियों के अनुसार, 7.3 किलोमीटर लंबी एपीएम में छह स्टेशन होंगे और टर्मिनल-1 से टर्मिनल-3 के बीच यात्रा में करीब 13 मिनट लगेंगे। यह प्रणाली टर्मिनल-1, टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 के अलावा कार्गो टर्मिनल तथा एयरोसिटी को भी जोड़ेगी। इसके एक स्टेशन से दिल्ली मेट्रो की लाइन से भी जुड़ाव होगा।
वर्तमान में दिल्ली हवाई अड्डे के तीनों टर्मिनल की कुल वार्षिक यात्री क्षमता 10.6 करोड़ है। डायल के 10-वर्षीय मास्टर प्लान के तहत इसे बढ़ाकर 12.5 करोड़ किया जाएगा। इसमें 8.60 करोड़ घरेलू और 3.90 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की क्षमता होगी। यह क्षमता 12.9 करोड़ तक भी जा सकती है।
फिलहाल टर्मिनल-1 की वार्षिक यात्री क्षमता 4.2 करोड़, टर्मिनल-2 की 1.4 करोड़ और टर्मिनल-3 की पांच करोड़ है। टर्मिनल-3 में 1.9 करोड़ घरेलू और 3.1 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की क्षमता है।
वर्तमान में टर्मिनल-2 और टर्मिनल-3 एक-दूसरे के करीब हैं, जबकि टर्मिनल-1 कुछ किलोमीटर दूर है। ऐसे में टर्मिनल-3 पर उतरने वाले और टर्मिनल-1 से उड़ान लेने वाले यात्रियों को फिलहाल सड़क मार्ग से दोनों टर्मिनल के बीच आना-जाना पड़ता है।
डायल टर्मिनल-3 से टर्मिनल-1 के बीच बस के जरिये यात्रियों के हवाई अड्डे के प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर स्थानांतरण की अनुमति के लिए संबंधित अधिकारियों के फैसले का इंतजार कर रही है।
पणिकर ने कहा कि एपीएम के इस्तेमाल के लिए गैर-यात्रियों से शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
टर्मिनल-3 पर अप्रैल, 2030 तक एक नया पियर-ई भी बनाया जाएगा। पियर हवाई अड्डे के मुख्य टर्मिनल भवन से जुड़ी लंबी संरचना होती है, जहां से यात्री एयरोब्रिज के जरिये विमान तक पहुंचते हैं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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Web Title: दिल्ली हवाई अड्डे पर स्वचालित यात्री परिवहन प्रणाली 2030 तक शुरू होने की संभावना