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कोयले की मांग 2030 तक 1.6 अरब टन तक पहुंचने का अनुमान: सचिव

August 14, 2026

मुंबई, 14 अगस्त (भाषा) केंद्रीय कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने शुक्रवार को कहा कि देश में कोयले की मांग 2030 तक बढ़कर सालाना 1.6 अरब टन तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमत के निर्धारण के लिए पारदर्शी और मांग-आपूर्ति आधारित व्यवस्था की जरूरत है।

दत्त ने ‘ग्लोबल कमोडिटीज कॉन्क्लेव’ में शुक्रवार को कहा कि सरकार द्वारा स्थापित स्वतंत्र बाजार के रूप में काम करने वाले मंच ‘कोयला एक्सचेंज’ से इसमें मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वित्त वर्ष में से प्रत्येक में घरेलू कोयला उत्पादन एक अरब टन से अधिक रहा है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि कोयला ऊर्जा जरूरतों का प्रमुख आधार है।

दत्त ने कहा, ‘‘2030 तक कोयले की मांग बढ़कर अनुमानित 1.6 अरब टन होने की संभावना है।’’

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उन्होंने कहा कि हम ऐसे मोड़ पर हैं, जहां कमी की स्थिति से अधिशेष की स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।

दत्त ने कहा कि इस बदलाव से ‘कोयले के कारोबार के लिए अधिक कुशल, पारदर्शी एवं बाजार आधारित तंत्र’ की जरूरत रेखांकित होती है।

उन्होंने कहा कि अब तक सरकारी कंपनी कोल इंडिया का इस क्षेत्र में लगभग ‘एकाधिकार’ रहा है।

सचिव ने कहा, ‘‘ जिस समय इसे बनाया गया था, उस समय इस मॉडल ने अपना उद्देश्य पूरा किया, लेकिन यह भारत जैसे बड़े और परिपक्व बाजार के लिए अपेक्षित प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी एवं कुशल मूल्य खोज को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करता।’’

दत्त ने कहा कि ‘कोयला एक्सचेंज’ वाणिज्यिक और निजी खनिकों को व्यापक बाजार तक सुगम एवं पारदर्शी पहुंच उपलब्ध कराएंगे, जहां खरीदार तथा विक्रेता एक साथ बोली लगा सकेंगे। इससे कुशल, प्रतिस्पर्धी और बाजार आधारित मूल्य खोज संभव होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले महीनों में ‘कोयला एक्सचेंज’ की अवधारणा को लागू करने की योजना बना रही है। हालांकि, उन्होंने इसकी निश्चित समयसीमा नहीं बताई।

दत्त ने कहा कि ‘कोयला एक्सचेंज’ ऐसा सुधार है जो कारोबार सुगमता बढ़ाने, पारदर्शिता को बढ़ावा देने और आधुनिक आत्मनिर्भर ऊर्जा तंत्र विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, औद्योगिक वृद्धि को समर्थन मिलेगा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में सार्थक योगदान होगा।

भाषा निहारिका रमण

रमण