Chandigarh Health Service Rules: आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने चंडीगढ़ हेल्थ सर्विस रूल्स 2026 के ड्राफ्ट का तीखा विरोध किया है.
Chandigarh Health Service Rules: आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने चंडीगढ़ हेल्थ सर्विस रूल्स 2026 के ड्राफ्ट का तीखा विरोध किया है.
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Baltej Pannu Photograph: (NN)
Chandigarh Health Service Rules: चंडीगढ़ हेल्थ सर्विस रूल्स 2026 के प्रस्तावित ड्राफ्ट को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने आपत्ति जताई है. पार्टी के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने बुधवार को कहा कि नए नियमों में प्रस्तावित बदलाव से चंडीगढ़ की मेडिकल सेवाओं में पंजाब की हिस्सेदारी कम हो सकती है. उन्होंने केंद्र सरकार से ड्राफ्ट की समीक्षा करने और पंजाब के तय हिस्से को सुरक्षित रखने की मांग की है.
60 और 40 के अनुपात में बदलाव का दावा
बलतेज पन्नू ने कहा कि चंडीगढ़ की मेडिकल सेवाओं में पंजाब और हरियाणा के बीच 60:40 का प्रबंध रहा है. इसके तहत 60 फीसदी हिस्सा पंजाब और 40 फीसदी हिस्सा हरियाणा के लिए निर्धारित है. AAP नेता का दावा है कि नए ड्राफ्ट में मेडिकल ऑफिसर की भर्ती को लेकर अलग व्यवस्था प्रस्तावित की गई है.
उनके मुताबिक, प्रस्तावित नियमों के तहत 40 फीसदी मेडिकल ऑफिसर सीधे यूटी कैडर के तहत भर्ती किए जाएंगे. इसके बाद बाकी 60 फीसदी पदों को पंजाब और हरियाणा के बीच बांटा जाएगा. AAP का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण पंजाब की हिस्सेदारी करीब 36 फीसदी रह सकती है.
पंजाब के हिस्से पर असर का मुद्दा
बलतेज पन्नू ने कहा कि यह सिर्फ भर्ती नियमों में बदलाव का मामला नहीं है, बल्कि चंडीगढ़ में पंजाब की हिस्सेदारी से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है. उन्होंने कहा कि पंजाब के पुनर्गठन के समय चंडीगढ़ को लेकर कुछ व्यवस्थाएं तय की गई थीं. ऐसे में नए नियम बनाते समय इन व्यवस्थाओं और पंजाब के हिस्से को ध्यान में रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी नए कैडर स्ट्रक्चर की वजह से पंजाब की मौजूदा हिस्सेदारी कम नहीं होनी चाहिए. AAP का कहना है कि हेल्थ सर्विस रूल्स में बदलाव से पहले इसके असर का विस्तृत आकलन किया जाना जरूरी है.
अलग UT कैडर को लेकर AAP की आपत्ति
AAP नेता ने कहा कि मेडिकल ऑफिसर के लिए अलग यूटी कैडर बनाने का प्रस्ताव पंजाब की हिस्सेदारी को प्रभावित कर सकता है. उनके मुताबिक, अगर नए कैडर के तहत 40 फीसदी पद अलग से भरे जाते हैं और बाकी पद दोनों राज्यों में बांटे जाते हैं, तो मौजूदा 60:40 व्यवस्था का स्वरूप बदल जाएगा. उन्होंने मांग की कि किसी भी नई भर्ती व्यवस्था को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि पंजाब और हरियाणा के बीच तय हिस्सेदारी प्रभावित न हो.
पुराने प्रबंध को बनाए रखने की मांग
बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के बीच चंडीगढ़ की मेडिकल सेवाओं में 60:40 का प्रबंध लंबे समय से चला आ रहा है. AAP की मांग है कि इस व्यवस्था को सुरक्षित रखा जाए. पार्टी का कहना है कि नए नियमों के जरिए पंजाब के हिस्से में कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव करते समय सभी संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए. साथ ही पंजाब की हिस्सेदारी पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की भी समीक्षा होनी चाहिए.
केंद्र से ड्राफ्ट की समीक्षा की मांग
AAP मीडिया इंचार्ज ने केंद्र सरकार से चंडीगढ़ हेल्थ सर्विस रूल्स 2026 के ड्राफ्ट की समीक्षा करने की मांग की. उन्होंने कहा कि अंतिम नियम तैयार करने से पहले पंजाब की हिस्सेदारी और पुनर्गठन के समय तय व्यवस्थाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पंजाब की हिस्सेदारी को लेकर किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले संबंधित पक्षों के बीच स्पष्टता जरूरी है. AAP ने मांग की है कि नए नियमों को अंतिम रूप देने से पहले प्रस्तावित कैडर व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इससे पंजाब के तय हिस्से पर असर न पड़े.
AAP ने क्या मांग रखी?
AAP का कहना है कि चंडीगढ़ की मेडिकल सेवाओं में पंजाब की मौजूदा हिस्सेदारी सुरक्षित रहनी चाहिए. पार्टी ने 60:40 के प्रबंध को बनाए रखने और प्रस्तावित यूटी कैडर व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है. बलतेज पन्नू ने कहा कि नए नियम लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भर्ती व्यवस्था में बदलाव के कारण पंजाब का हिस्सा कम न हो.
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