मौसम विभाग (IMD) ने आज, 9 सितंबर को सुबह 07:00 से 10:00 बजे के लिए चारधाम सेक्टर का 'नौकास्ट' बुलेटिन जारी किया है। इसके मुताबिक, रुद्रप्रयाग-केदारनाथ और जोशीमठ-बद्रीनाथ रूट पर हल्की बारिश की संभावना है, हालांकि फिलहाल कोई सीधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। लेकिन गुरुवार से वीकेंड तक उत्तराखंड के इस इलाके में भारी बारिश का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए मुख्य रास्तों पर बीच-बीच में ट्रैफिक रोके जाने, गाड़ियों की रफ्तार धीमी रहने और कुछ समय के लिए यात्रा सेवाएं थमने की आशंका है।
आज सुबह तक पूरे राज्य में यात्रा रोकने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया गया है, लेकिन कई संवेदनशील जगहों पर खास सावधानी बरतने की जरूरत है। हाल ही में मुनकटिया के पास केदारनाथ हाईवे और हेलंग के पास बद्रीनाथ हाईवे पर मलबा आने से रास्ता बंद हो गया था, जिसे अब साफ कर दिया गया है। फिलहाल राहत कार्य और मरम्मत के चलते जोशीमठ-बद्रीनाथ रूट पर गाड़ियों को गेट सिस्टम से वन-वे करके छोड़ा जा रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान लैंडस्लाइड वाले इलाकों में गाड़ियों का लंबा जाम लग रहा है।
चारधाम यात्रा के लिए IMD की चेतावनी: केदारनाथ-बद्रीनाथ रूट का हाल
अपनी यात्रा की योजना मौसम के मिजाज को देखकर ही बनाएं। जब बारिश थमी हो और नया मौसम अपडेट आए, तभी आगे बढ़ें। आज सुबह 10:00 बजे तक हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि 10 से 12 सितंबर के बीच तेज बारिश की संभावना ज्यादा है। अगर हेलंग के पास NH-7 पर जाम मिलता है, तो आप साइनबोर्ड वाले उखीमठ-चोपता-गोपेश्वर वैकल्पिक रास्ते से बद्रीनाथ की ओर निकल सकते हैं। इस रास्ते से जाने पर आप भारी भीड़ वाले गेट और खतरनाक भूस्खलन वाले इलाकों से बच जाएंगे।
केदारनाथ मार्ग पर हेलीकॉप्टर, घोड़े-खच्चर और कुली सेवा का अपडेट
सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी से 15 से 30 सितंबर के बीच सफर करने वाले श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ हेलीकॉप्टर की बुकिंग 7 सितंबर से दोबारा शुरू हो गई है। हेलीकॉप्टर टिकट सिर्फ IRCTC HeliYatra के आधिकारिक पोर्टल से ही खरीदें। उड़ान के तय समय से कम से कम दो घंटे पहले हेलीपैड पहुंचे, क्योंकि खराब मौसम के चलते उड़ानों में देरी हो सकती है। उड़ान रद्द होने पर ऑपरेटर तय पॉलिसी के तहत रिफंड देंगे। हेलीकॉप्टर डेस्क पर चेकिंग के लिए अपनी सरकारी यात्रा रजिस्ट्रेशन पर्ची और मूल पहचान पत्र (ID) साथ ले जाना न भूलें।
मंदिर दर्शन, QR रजिस्ट्रेशन और धामों के पास रहने की व्यवस्था
सोनप्रयाग और गौरीकुंड से घोड़े-खच्चर, पालकी और कुली की सुविधाएं प्रीपेड सरकारी काउंटरों के जरिए सुचारू रूप से चल रही हैं, इसलिए दलालों के चक्कर में न पड़ें। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अनुसार यात्रा पूरी तरह जारी है और आज की सुबह की विशेष पूजा व शाम की आरती के लिए बुकिंग उपलब्ध है। धाम निकलने से पहले अपना फ्री QR रजिस्ट्रेशन जरूर पूरा कर लें और चेकिंग बैरियर पर दिखाने के लिए आए हुए SMS या रजिस्ट्रेशन लेटर का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।
चारधाम रूट के लिए हेल्पलाइन नंबर, लाइव अपडेट और डायवर्जन प्लान
| सेवा / विभाग | संपर्क नंबर |
|---|---|
| राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) | 1070 |
| इमरजेंसी रिस्पॉन्स (पुलिस/फायर/एंबुलेंस) | 112 |
| टूरिस्ट केयर उत्तराखंड | 1364; 0135‑3520100 |
| BKTC हेल्पलाइन, केदारनाथ | +91‑8534001008 |
| BKTC हेल्पलाइन, बद्रीनाथ | +91‑8979001008 |
| IRCTC हेलीयात्रा सपोर्ट | 1800‑208‑9944 |
सफर पर निकलने से पहले मौसम विभाग का ताजा नौकास्ट जरूर चेक कर लें और बारिश तेज होने पर संबंधित कंट्रोल रूम से संपर्क करें। अगर रास्ते में रुकना पड़े, तो इसके लिए गुप्तकाशी या जोशीमठ में एक अतिरिक्त दिन का बैकअप (बफर नाइट) रखकर चलें और होटल बुकिंग में फ्लेक्सिबल पॉलिसी चुनें। अगर ऑपरेटर की तरफ से हेलीकॉप्टर उड़ानें रद्द होती हैं, तो IRCTC के नियमों के मुताबिक रिफंड मिलेगा। वहीं पूजा बुकिंग में बदलाव BKTC की नीति के तहत होगा। रास्ते में जांच के दौरान समय बचाने के लिए अपना ई-रजिस्ट्रेशन और आईडी कार्ड हमेशा साथ रखें।