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दो बहनें जिन्होंने टीम इंडिया को दिए 2 शानदार क्रिकेटर, झटके हैं 936 विकेट, बनाए हैं 8751 रन

August 28, 2026

दो बहनें जिन्होंने टीम इंडिया को दिए 2 शानदार क्रिकेटर, झटके हैं 936 विकेट, बनाए हैं 8751 रन

दो बहनें जिन्होंने दिए 2 मैच विनर. (फोटो- GETTY)

Raksha Bandhan Special: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब भाई-बहन के अटूट रिश्ते और त्याग की बात होती है, तो भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज दिग्गज रवींद्र जडेजा और भुवनेश्वर कुमार की सफलता के पीछे उनकी बहनों का संघर्ष सबसे पहले याद आता है. इंटरनेशनल क्रिकेट में मिलकर 936 विकेट चटकाने और 8751 रन बनाने वाले इन दोनों स्टार्स का करियर शायद कभी शुरू ही नहीं होता, अगर उनकी बड़ी बहनों ने उनके सपनों के लिए अपनी खुशियां कुर्बान न की होतीं.

भुवी को स्विंग का सुल्तान बनाने वालीं रेखा अडाना

मेरठ के मिडिल क्लास परिवार से आने वाले भुवनेश्वर कुमार के पिता चाहते थे कि उनका बेटा फौज में जाकर देश की सेवा करे. उनके पिता पुलिस विभाग में काम करते थे, इसलिए घर का माहौल भी काफी सख्त था. लेकिन भुवी की बड़ी बहन रेखा अडाना ने अपने भाई के अंदर छिपी गेंद को स्विंग कराने की जादुई कला को पहचान लिया था. भुवनेश्वर तब मुश्किल से 13 साल के थे जब रेखा ने खुद भाई की उंगली पकड़ी और मेरठ के ऐतिहासिक विक्टोरिया पार्क ग्राउंड ले गईं. उन्होंने कोच विपिन वत्स और संजय रस्तोगी से बात करके भुवी की ट्रेनिंग शुरू करवाई और घर में पिता को क्रिकेट के लिए राजी किया.

आज भी भुवनेश्वर कुमार अपनी इस सफलता और इंटरनेशनल लेवल पर हासिल किए गए 294 विकेट व 1171 रनों का पूरा श्रेय अपनी बहन रेखा की उसी जिद और मार्गदर्शन को देते हैं. उनका साफ मानना है कि अगर उस दिन बहन उन्हें विक्टोरिया पार्क नहीं ले जाती, तो शायद ये स्विंग का सुल्तान हमारे सामने नहीं होता.

मां की मौत के बाद बहन ने दिया साथ

रवींद्र जडेजा की कहानी काफी भावुक और संघर्षों से भरी है. जडेजा के पिता अनिरुद्धसिंह जडेजा चाहते थे कि बेटा सैनिक स्कूल जाए, लेकिन मां लता जडेजा ने पिता को मनाकर उन्हें क्रिकेट की दुनिया में भेजा. लेकिन जब जडेजा महज 16-17 साल के थे, तब एक सड़क हादसे में उनकी मां का निधन हो गया था. मां के जाने से जडेजा इस कदर टूट गए थे कि उन्होंने क्रिकेट हमेशा के लिए छोड़ने का मन बना लिया था.

ऐसे नाजुक मोड़ पर बड़ी बहन नैना जडेजा ने घर और भाई दोनों को संभाला. नैना ने नर्स की नौकरी कर परिवार का खर्च उठाया ताकि जडेजा को पैसों की तंगी महसूस न हो. मां के निधन के 12वें दिन ही जब बीसीसीआई का अंडर-19 नेशनल कैंप का कॉल लेटर आया, तब नैना ने जडेजा को हिम्मत दी. इसी हिम्मत के दम पर जडेजा ने वापसी की और आज वो भारत के लिए 642 विकेट और 7580 रन बनाकर मॉडर्न क्रिकेट के सबसे बड़े ऑलराउंडरों में शामिल हैं.

मोहिद खान

मोहिद खान

मोहिद खान TV9 Hindi में बतौर सीनियर सब-एडिटर स्पोर्ट्स डेस्क पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह जर्नलिज्म में 4 साल का अनुभव रखते हैं. वह मूल रूप से राजस्थान के ब्यावर शहर के रहने वाले हैं. मोहिद ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से हासिल की है. वह पढ़ने, लिखने और खेलने का शौक रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडिया न्यूज के साथ की थी. इसके बाद उन्होंने वनइंडिया हिंदी, ज़ी न्यूज और इंडिया टीवी जैसी संस्थानों में काम किया. वह किसी भी क्रिकेट मैच का बारीकी से विश्‍लेषण करने में माहिर हैं और उन्हें अन्य खेलों से जुड़ी खबरें बनाने में भी रुचि है.

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