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राज्य में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी: 2 माह में योजना बजट का आधा प्रतिशत भी खर्च नहीं - Ranchi News

July 13, 2026

500 करोड़ रुपए से अधिक योजना बजट वाले विभागों की 27 से समीक्षा करेंगे विकास आयुक्त

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झारखंड सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को देखते हुए राज्य के विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह बड़े विभागों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक 27 जुलाई से 30 जुलाई तक होने की संभावना है। अब विकास आयुक्त सीधे नजर रखेंगे। इसके लिए वैसे सभी विभागों का, जिसका योजना बजट 500 करोड़ रुपए से अधिक है, अद्यतन प्रगति रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।

मालूम हो कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक लाख 891 करोड़ रुपए का योजना बजट है। इसमें दो माह 31 मई तक केवल 488 करोड़ रुपए ही खर्च हुए हैं, जो योजना बजट का आधा प्रतिशत भी नहीं है।

पंचायती राज व नगर विकास विभाग को छोड़ कर सभी विभागों का खर्च शून्य है। योजना एवं विकास विभाग ने सभी प्रशासी विभागों से अब तक हुए कामकाज, उपलब्धियों, लंबित योजनाओं और लक्ष्य के मुकाबले प्रगति का विस्तृत ब्योरा मांगा है। विभागीय प्रधानों को समीक्षा बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने का निर्देश दिया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस विभाग ने तय लक्ष्य हासिल किए, कहां काम धीमा है और किन परियोजनाओं में बाधाएं हैं।

इन बिंदुओं पर समीक्षा की जाएगी क्या है समीक्षा बैठक का उद्देश्य : बैठक का बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति, बजटीय घोषणाओं के क्रियान्वयन और केंद्र सरकार से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा कर योजनाओं के प्रभावी संचालन में तेजी लाना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजनावार स्वीकृति आदेश, आवंटन आदेश और अब तक हुए खर्च की स्थिति। केंद्र एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं से प्राप्त होने वाली राशि के मुकाबले अब तक मिली धनराशि की समीक्षा। भारत सरकार के स्तर पर लंबित योजना संबंधी मामलों की प्रगति। {वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण में विभागों के लिए की गई घोषणाओं पर अब तक की गई कार्रवाई और उसके क्रियान्वयन की स्थिति।

समीक्षा के आधार पर विभागवार जवाबदेही तय समीक्षा के आधार पर विभागवार जवाबदेही तय होने के साथ लंबित मामलों के जल्द निपटारे और विकास कार्यों में तेजी लाने की रणनीति बनेगी। नेपाल हाउस स्थित योजना भवन के सभागार में विभागवार स्कीम तथा बजट भाषण में की गई घोषणाओं से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई है। इससे पूर्व 20 जुलाई विभागों को योजनाओं की अपडेट रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इसके अलावा बैठक में हरेक विभाग को वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं का अद्यतन प्रतिवेदन पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से बताना होगा।

दो माह में विभागों के खर्च की स्थिति

विभागबजट (करोड़ में)खर्च
समाज कल्याण22,97000
पथ निर्माण6,00000
ग्रामीण विकास12,00000
ग्रामीण कार्य5,00000
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता6,50000
कल्याण3,30000
कृषि, पशुपालन, सहकारिता4,27500
भवन निर्माण80000
मंत्रिमंडल, नागरिक विमानन10000
पेयजल एवं स्वच्छता5,00000
ऊर्जा11,10000
खाद्, सार्वजनिक वितरण2,80600
वन, पर्यावरण1,15000
स्वास्थ्य5,97500
उच्च, तकनीकी शिक्षा1,20000
गृह, कारा एवं आपदा1,66600
उद्योग50000
श्रम, रोजगार एवं प्रशिक्षण1,05000
योजना एवं विकास50000
पंचायती राज1,875273 करोड़
नगर विकास3,500216 करोड़
जल संसाधन2,20000