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राजस्थान में 'बाड़ेबंदी' का खेल! कांग्रेस ने पार्षदों को 2-2 करोड़ में खरीदने का लगाया आरोप, बीजेपी ने किया पलटवार

September 18, 2026

राजस्थान में ‘बाड़ेबंदी’ का खेल! कांग्रेस ने पार्षदों को 2-2 करोड़ में खरीदने का लगाया आरोप, बीजेपी ने किया पलटवार

कांग्रेस-बीजेपीImage Credit source: Getty Images

राजस्थान में 309 नगर निकाय के प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर को होने वाला है, लेकिन इस बीच बीजेपी और कांग्रेस में घमासान मचा है. कांग्रेस ने बीजेपी पर उनके पार्षदों को 2-2 करोड़ रुपये में खरीदने और पुलिस के जरिए परेशान करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने उनकी बाड़ेबंदी वाली होटलों में पुलिस की छापेमारी पर भी सवाल उठाया. उधर, बीजेपी ने कांग्रेस के खरीद-फरोख्त के आरोप को गलत बताया. बीजेपी ने कहा कि अगर किसी पार्षद के परिवार ने शिकायत की तो पुलिस जांच के लिए जा रही है तो इसमें गलत कुछ नहीं.

दरअसल, निकाय चुनाव को लेकर राजस्थान में गजब का हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान के कुचेरा में कांग्रेस ने जिस रिजॉर्ट में पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी थी, वहां एक कांग्रेस पार्षद लिंबाराम की तलाश करने पुलिस पहुंच गई. लिंबाराम के साले महेंद्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि लिंबाराम और उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया गया है. शिकायत में आरोप लगाया कि दबाव डालकर उनका वोट डलवाया जा सकता है. उधर, कांग्रेस ने लिंबाराम के सुरक्षित होने और मर्जी से रहने के बयान का वीडियो जारी करवा कर दिखाया कि वो सुरक्षित हैं.

तेजपाल मिर्धा और पुलिस के बीच तकरार

पुलिस और कांग्रेस के अध्यक्ष पद के दावेदार तेजपाल मिर्धा के बीच भी तकरार देखने को मिली. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि तेजपाल मिर्धा की कार को भी इससे पहले टक्कर मारी गई. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता शंकुतला रावत के चैट का एक स्क्रीनशॉट शेयर कर आरोप लगाया कि पुलिस उनका पीछा कर रही है. पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने तो दो-दो करोड़ में बीजेपी पर पार्षदों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगा दिया. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि बीजेपी का बोर्ड बनाने के लिए जिला कलेक्टरों पर दबाव बनाया जा रहा है.

बीजेपी ने आरोपों को सिरे से किया खारिज

हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और सवाल किया कि क्या अशोक गहलोत सीएम रहते पिछली बार पुलिस की मदद से निकाय चुनाव जीते थे. बीजेपी नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस में फूट और गुटबाजी है, इसलिए कांग्रेस के विधायक भी विकास के लिए बीजेपी के पक्ष में आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी पार्षद के परिजन ने शिकायत की तो पुलिस को जांच का हक है. उन्होंने सवाल किया कि अगर बीजेपी नौकरशाही का इस्तेाल करती तो बीजपी की आपत्तियां अजमेर नगर निगम में कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ खारिज नहीं होतीं.

25 निकायों में निर्विरोध बोर्ड बनाने में कामयाब बीजेपी

अब चूंकि बीजेपी और कांग्रेस के बीच बाड़ेबंदी और एक दूसरे के पाले में पार्षदों को लाने की होड़ मची है, इस बीच बीजेपी 309 में से 25 निकायों में निर्विरोध बोर्ड बनाने में कामयाब रही, जिनमें भरतपुर नगर निगम भी शामिल है. भरतपुर में निर्दलीय बीजेपी और कांग्रेस से भी अधिक हैं, लेकिन बीजेपी निर्दलीय प्रत्याशी को नाम वापस लेने के लिए मनाने में सफल रही.

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ध्वज आर्य

ध्वज आर्य

राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.

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