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1949 में बनी छोटी दुकान से ब्रांड बनने की कहानी: शर्मा जी की चाय के ऑनलाइन ऑर्डर 6,984 से बढ़कर हुए 50,000 के पार - Up18 News

October 27, 2026

लखनऊ: अपनी कड़क चाय, लजीज बन मक्खन और खास गोल समोसे के लिए देशभर में मशहूर ताजनगरी के पड़ोसी शहर लखनऊ का आईकोनिक ब्रांड ‘शर्मा जी की चाय’ अब डिजिटल दुनिया में भी सफलता के नए आयाम गढ़ रहा है। वर्ष 2018 में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) से जुड़ने के बाद से ब्रांड के ऑनलाइन सालाना ऑर्डर में 7 गुना से अधिक की धमाकेदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

​आंकड़ों के मुताबिक, जहां वर्ष 2019 में जोमैटो के जरिए ब्रांड को केवल 6,984 ऑर्डर मिले थे, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 50,054 से अधिक ऑर्डर्स तक पहुंच गया है।

​1949 में छोटी दुकान से शुरू हुआ था 70 दशकों का सफर

​शर्मा जी की चाय की शुरुआत वर्ष 1949 में स्व. ओम प्रकाश शर्मा ने लखनऊ के हजरतगंज की चहल-पहल भरी गलियों के पास एक छोटी सी चाय की गुमटी से की थी। उन्होंने अपनी जमा पूंजी से हर दिन आने-जाने वाले लोगों को चाय और ताजा नाश्ता देना शुरू किया। धीरे-धीरे यह दुकान न सिर्फ आम शहरियों, बल्कि राष्ट्रीय राजनेताओं, पत्रकारों और नामचीन हस्तियों के मिलने-जुलने और पसंदीदा ‘अड्डे’ के रूप में पहचान बनाने लगी।

​आज शर्मा परिवार की तीसरी पीढ़ी इस विरासत को संभाल रही है। ब्रांड ने हजरतगंज स्थित अपनी मूल दुकान की परंपरा को कायम रखते हुए हाल ही में लखनऊ की ‘फूड वैली’ में अपना दूसरा नया आउटलेट भी शुरू किया है।

​”दादाजी की सादगी और स्वाद को नई पीढ़ी तक पहुंचाया”: मानव शर्मा

ब्रांड की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए शर्मा जी की चाय के संचालक मानव शर्मा ने कहा, “सात दशकों से भी अधिक समय से हमारा मूल मंत्र काफी सादगीभरा रहा है—उत्कृष्ट चाय, ताजा नाश्ता और अपनों के साथ अपनापन। मेरे दादाजी ने हजरतगंज से जिस स्वाद की शुरुआत की थी, उसे ग्राहकों के अटूट प्यार ने आगे बढ़ाया। जोमैटो ने हमारी इस पारंपरिक विरासत को हजरतगंज की सीमा से बाहर निकालकर नई पीढ़ी के टेक-सैवी ग्राहकों तक पहुंचाने में हमारी बहुत मदद की है।”

​वहीं, जोमैटो के सीईओ आदित्य मंगला ने कहा, “शर्मा जी की चाय के कारोबार में हुई यह अभूतपूर्व वृद्धि उनकी मजबूत विरासत और असली लखनवी स्वाद के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। हमें गर्व है कि हम उनके इस ऐतिहासिक सफर के डिजिटल पार्टनर बने हैं।”

​छोटे रेस्तरां और खानपान के बिजनेस को डिजिटल संबल

​उल्लेखनीय है कि जोमैटो हाल के वर्षों में छोटे एवं पारंपरिक रेस्तरां पार्टनर्स को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कई पहल कर रहा है। इसमें महज 15 मिनट में ऑनबोर्डिंग, लाइसेंसिंग, स्टाफ हायरिंग और ‘रेस्तरां सर्विसेस हब’ जैसी सेवाएं शामिल हैं।

​वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के आंकड़ों के अनुसार, जोमैटो के प्लेटफॉर्म पर हर महीने औसतन 3,28,000 सक्रिय रेस्तरां पार्टनर जुड़े हुए हैं, जो देश के कोने-कोने में स्थानीय स्वादों को ग्राहकों के घर तक पहुंचा रहे हैं।