मजदूर की मौत के बाद परिवार को 4 लाख रुपए की मदद मिलनी थी, लेकिन कई जिलों में मदद फाइल, पोर्टल, दस्तावेज और बैंक की अड़चनों में फंसी हुई है। दमोह में पांच महीने बाद भी आवेदन संबल शाखा से आगे नहीं बढ़ा। आलीराजपुर में परिवार को मौत के बाद पता चला कि संबल
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- 30 दिन से पुराने मामलों में 8,380 पंजीयन निकायों में अटके
सर्वाधिक पेंडेंसी इन जिलों में
| शहर / जिला | संख्या |
| भोपाल | 1,255 |
| टीकमगढ़ | 1,082 |
| दमोह | 853 |
| रायसेन | 801 |
| नर्मदापुरम | 776 |
| इंदौर | 742 |
| मुरैना | 709 |
| भिंड | 684 |
| आगर मालवा | 574 |
| मंदसौर | 548 |
| रतलाम | 532 |
| देवास | 516 |
| सागर | 475 |
| उज्जैन | 453 |
मौत से भुगतान तक सिस्टम के अलग-अलग पेंच
दमोह: डिजिटल सिग्नेचर का पेंच
पुट्टी मुंडा की मौत 25 अप्रैल को हुई। पत्नी भारती ने 4 लाख रु. के डेथ क्लेम के दस्तावेज जमा किए। 5 महीने बाद भी आवेदन संबल शाखा में रुका है। कर्मचारी के मुताबिक सीएमओ का डिजिटल सिग्नेचर उपलब्ध नहीं, इसलिए आवेदन ऑनलाइन नहीं हो सका।
आलीराजपुर: कार्ड ही नहीं बना था
हिरमाबाई वास्कले ने पंचायत में दस्तावेज जमा किए थे। पति की मौत के बाद पता चला कि कार्ड बना ही नहीं। सहायक श्रम अधिकारी एमएल व्यास के अनुसार वास्तविक फाइल किस पंचायत या अधिकारी के पास है, इसकी जानकारी नहीं रहती।
देवास: केवाईसी मिलान में अड़चन
नगर निगम में 103 पंजीयन आवेदन प्रक्रिया में हैं। इनमें 10 आवेदन 30 दिन से ज्यादा पुराने हैं। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के अनुसार समग्र, आधार और ई-केवाईसी का मिलान नहीं होना प्रमुख अड़चन है। दस्तावेज पूरे हों तो सामान्यतः 15-20 दिन में पंजीयन हो जाता है।
अलग-अलग स्तरों पर पेंडेंसी
- 18,797 : कुल पुराने केस
- 8,380 : निकाय स्तर पर
- 1,766 : डीएम लॉगिन
- 8,651 : एडीएम/एसडीएम
- 91% निकाय व एडीएम/एसडीएम स्तर पर
भोपाल में अपील सबसे ज्यादा, श्योपुर में डीएम लॉगिन पर 124 केस
श्रम विभाग ने निकाय स्तर पर टीकमगढ़ में 736, भोपाल में 606, भिंड में 491, नर्मदापुरम में 480, रायसेन में 454 और दमोह में 343 पुराने आवेदनों को चिंताजनक माना है। एडीएम/एसडीएम स्तर पर भोपाल 649, दमोह 450, इंदौर 378 और टीकमगढ़ में 329 मामले लंबित हैं। डीएम लॉगिन पर श्योपुर 124, ग्वालियर 119, रतलाम 97, विदिशा 87 और बुरहानपुर में 86 मामले हैं।
संबल योजना की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। त्वरित निवारण के लिए जिलेवार आंकड़े जारी किए हैं। पंचायत, निकाय, डीएम और एडीएम स्तर पर लंबित 30 दिन से पुराने मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाएगा। - रघुराज राजेंद्रन, सचिव, श्रम विभाग, भोपाल