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दिल्ली में सीवर-पानी की व्यवस्था में बड़ा बदलाव, ‘वन जोन, वन ऑपरेटर’ मॉडल लागू; 18 हजार करोड़ की परियोजनाएं मंजूर

October 1, 2026

दिल्ली में सीवर और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने बड़े स्तर पर सुधार योजनाओं को मंजूरी दी है। इसके तहत राजधानी में ‘वन जोन, वन ऑपरेटर’ व्यवस्था लागू की जाएगी। इस मॉडल में प्रत्येक जोन के सीवर नेटवर्क की जिम्मेदारी एक ही ऑपरेटर को दी जाएगी, ताकि सीवर लाइन, मैनहोल, पंपिंग स्टेशन के रखरखाव से लेकर शिकायतों के समाधान तक जवाबदेही स्पष्ट रहे।

करीब 18 हजार करोड़ रुपये की परियोजना

दिल्ली जल बोर्ड ने सीवर व्यवस्था के व्यापक रखरखाव के लिए करीब 17,969 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दिल्ली को जोन में बांटकर प्रत्येक क्षेत्र में एक ऑपरेटर को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य सीवर व्यवस्था में अलग-अलग एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी के बंटवारे से पैदा होने वाली दिक्कतों को कम करना है।

शिकायत के बाद नहीं, नियमित होगा रखरखाव

नई व्यवस्था में सीवर से जुड़ी समस्याओं के लिए केवल शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय नियमित और योजनाबद्ध रखरखाव पर जोर दिया जाएगा। ऑपरेटर को सीवर लाइनों, मैनहोल और पंपिंग स्टेशनों के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, भुगतान को प्रदर्शन से जोड़ने की व्यवस्था भी रखी जाएगी।

दक्षिणी दिल्ली में जलापूर्ति पर 6044.05 करोड़

दिल्ली जल बोर्ड ने दक्षिणी दिल्ली की जलापूर्ति व्यवस्था के व्यापक सुधार के लिए 6,044.05 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत करीब 247 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और 12 विधानसभा क्षेत्रों में जलापूर्ति ढांचे को बेहतर किया जाएगा। परियोजना में स्मार्ट मीटर, बल्क फ्लो मीटर, क्लोरीन सेंसर और प्रेशर सेंसर लगाने की योजना है। मौजूदा 40 एमजीडी क्षमता वाले प्लांट के सुधार का काम भी इसमें शामिल है।

सीवर ट्रीटमेंट क्षमता भी बढ़ाई जाएगी

इन योजनाओं के तहत अतिरिक्त सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता विकसित करने के लिए 7,373 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा वजीराबाद जलापूर्ति परियोजना के लिए 1,214.58 करोड़ रुपये और जलापूर्ति विस्तार के लिए 3,505 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।

स्मार्ट निगरानी पर जोर

नई व्यवस्था में सीवर और जलापूर्ति नेटवर्क की निगरानी को तकनीक से जोड़ा जाएगा। दिल्ली जल बोर्ड के मौजूदा नेटवर्क में हजारों किलोमीटर सीवर लाइन, लाखों मैनहोल और सैकड़ों पंपिंग स्टेशन हैं। बोर्ड की योजना नियमित निगरानी और मैकेनिकल व रोबोटिक तरीके से सीवर सफाई को बढ़ावा देने की भी है।