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झुंझुनूं के 1630 आंगनबाड़ी-केंद्र में 3 दिन आंगन-मिलन सेवा अभियान: कलेक्टर बोले-पोषाहार के नहीं, बच्चों के संपूर्ण विकास के सेंटर बनेंगे - Jhunjhunu News

September 25, 2026

झुंझुनूं जिले के 1630 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिन तक ‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान चलेगा। जिला कलेक्टर ने कहा- आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषाहार वितरण तक सीमित नहीं हैं। ये बच्चों के शुरुआती विकास, महिलाओं के स्वास्थ्य और ग्रामीण परिवारों को विभिन्न सरक

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अभियान की शुरुआत शुक्रवार को देरवाला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से हुई। जहां जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने 21 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों और सहायिकाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में गोद भराई, अन्नप्राशन और बच्चों का प्रवेशोत्सव भी हुआ।

कलेक्टर ने कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित

कलेक्टर ने कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित

कलेक्टर ने 21 कर्मियों को किया सम्मानित

देरवाला में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बेहतर कार्य करने वाली 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 7 आशा सहयोगिनियों और 7 सहायिकाओं को सम्मानित किया। सम्मान मिलने पर कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने कहा- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा सहयोगिनी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण और महिला-बाल सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ये कार्यकर्ता गांवों के दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचकर महिलाओं और बच्चों को जरूरी सेवाओं से जोड़ने का काम करती हैं।

तीन दिन तक जिलेभर में होंगे कार्यक्रम

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले के सभी 1630 आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। तीन दिन तक होने वाले इन कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों के योगदान को सम्मानित करने के साथ ग्रामीण परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने पर जोर रहेगा।

विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचें और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शुरुआती शिक्षा एवं विकास तथा महिलाओं से जुड़ी सेवाओं का लाभ लें।

देरवाला में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बेहतर कार्य करने वाली 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 7 आशा सहयोगिनियों और 7 सहायिकाओं को सम्मानित किया।

देरवाला में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बेहतर कार्य करने वाली 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 7 आशा सहयोगिनियों और 7 सहायिकाओं को सम्मानित किया।

गोद भराई और अन्नप्राशन के साथ प्रवेशोत्सव

कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई, बच्चों का अन्नप्राशन और नए बच्चों का प्रवेशोत्सव कराया गया। इन गतिविधियों के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों को ग्रामीण परिवारों के साथ सीधे जोड़ने का प्रयास किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक बिजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया- अभियान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों के योगदान को सम्मानित किया जाएगा। महिलाओं और बच्चों के लिए विभाग की ओर से संचालित सेवाओं और योजनाओं की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।

कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री की ओर से दिए गए संदेश से भी अवगत कराया गया।

‘पोषाहार केंद्र’ की छवि से आगे बढ़ाने पर जोर

महिला पर्यवेक्षक प्रियंका ने बताया- सरकार का प्रयास आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषाहार वितरण के केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों के शुरुआती मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों और समुदाय से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा- परिवारों की नियमित भागीदारी बढ़ने से बच्चों के शुरुआती विकास, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सेवाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही महिलाओं को भी विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।

कलेक्टर बोले-सम्मान से बढ़ेगा कार्यकर्ताओं का उत्साह

कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी स्थानीय स्तर पर महिलाओं एवं बच्चों तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान का उद्देश्य उनके योगदान के प्रति सरकार और प्रशासन की कृतज्ञता व्यक्त करना है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से कार्यकर्ताओं को बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही आमजन को भी आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़कर इनके काम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने अभियान के आगामी दिनों में सम्मानित होने वाली सभी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों को शुभकामनाएं दीं।