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राजस्थान में किसानों को घर बैठे मिलेगा खाद, 15 जिलों में लागू होगा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल

August 21, 2026

राजस्थान में किसानों को घर बैठे मिलेगा खाद, 15 जिलों में लागू होगा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल  

21 अगस्त 2026, जयपुर: राजस्थान में किसानों को घर बैठे मिलेगा खाद, 15 जिलों में लागू होगा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल – राजस्थान सरकार किसानों को जरूरत के अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी-जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल का विस्तार करने जा रही है। अब यह व्यवस्था प्रदेश के 15 जिलों में लागू होगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे राजस्थान में लागू की जाएगी। इसके तहत किसान घर बैठे अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे और नजदीकी अधिकृत रिटेलर से खाद ले सकेंगे।

प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने पंत कृषि भवन में उर्वरकों की मांग, आपूर्ति और उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी किसान को खाद के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिलों की वास्तविक मांग के अनुसार आपूर्ति की निगरानी कर जरूरत बढ़ने पर तत्काल अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध

खरीफ 2026 में अप्रैल से अगस्त तक केंद्र सरकार ने राजस्थान को 9.28 लाख मैट्रिक टन यूरिया आवंटित किया है। 1 अप्रैल के स्टॉक सहित अब तक 13.12 लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया जा चुका है, जो आवंटन का करीब 141 प्रतिशत है। अगस्त में करीब 50 हजार मैट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया की आपूर्ति प्रस्तावित है। इसी अवधि में 3.80 लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग के मुकाबले 3.41 लाख मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 1.71 लाख मैट्रिक टन एनपीके और 3.76 लाख मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 2.59 लाख मैट्रिक टन यूरिया, 67 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 79 हजार मैट्रिक टन एनपीके और 1.69 लाख मैट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है।

48 घंटे तक वैध रहेगा बुकिंग टोकन

फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल की व्यवस्था फिलहाल सिरोही और राजसमंद में लागू है। यहां करीब 78 हजार किसानों को 12 हजार मैट्रिक टन से अधिक उर्वरक वितरित किया जा चुका है। नई व्यवस्था में किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग के बाद जारी टोकन 48 घंटे तक वैध रहेगा। इस अवधि में उर्वरक नहीं लेने पर दोबारा बुकिंग करनी होगी। इस डिजिटल व्यवस्था से वास्तविक जरूरत वाले किसानों को प्राथमिकता मिलेगी और कालाबाजारी, जमाखोरी, अनियमित वितरण व अनावश्यक खरीद पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों और एक केंद्र से दूसरे केंद्र के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।

संतुलित यूरिया उपयोग के लिए जागरूकता अभियान

श्रीमती राजपाल ने बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों को यूरिया के संतुलित और आवश्यकता आधारित उपयोग के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिश के अनुसार उर्वरक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल ने बताया कि कृषक सखी, कृषक साथी और कृषि पर्यवेक्षकों के माध्यम से गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। किसानों को फसलवार उर्वरक की सही मात्रा और उपयोग का समय बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलों की मांग के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी है और जरूरत बढ़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

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