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भारत बनेगा चिप निर्माण का भरोसेमंद केंद्र, सेमीकंडक्टर मिशन पर खर्च होंगे 13.5 अरब डॉलर: मोदी
भारत बनेगा चिप निर्माण का भरोसेमंद केंद्र, सेमीकंडक्टर मिशन पर खर्च होंगे 13.5 अरब डॉलर: मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को SEMICON India 2026 में कहा कि दुनिया को चिप निर्माण के लिए नए और भरोसेमंद केंद्रों की जरूरत है और भारत इसके लिए लगातार... 17.09.2026, Sputnik भारत
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प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण का आकार लगभग 8 अरब डॉलर था, जबकि दूसरे चरण के लिए 13.5 अरब डॉलर तक की राशि तय की गई है।मोदी ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर उद्योग का पसंदीदा केंद्र बनने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है। अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अब भारतीय स्टार्टअप, चिप डिजाइन कंपनियों और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों के स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ भी सहयोग कर सकती हैं।उन्होंने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे विकास को इसी व्यापक नजरिए से देखा जाना चाहिए।
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भारत, तकनीकी विकास , अर्थव्यवस्था , नरेन्द्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को SEMICON India 2026 में कहा कि दुनिया को चिप निर्माण के लिए नए और भरोसेमंद केंद्रों की जरूरत है और भारत इसके लिए लगातार खुद को तैयार कर रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, "दुनिया को मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद लोकेशंस की जरूरत सबसे ज्यादा हो रही है। भारत इसके लिए खुद को लगातार तैयार कर रहा है।"
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण का आकार लगभग 8 अरब डॉलर था, जबकि दूसरे चरण के लिए 13.5 अरब डॉलर तक की राशि तय की गई है।
मोदी ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर उद्योग का पसंदीदा केंद्र बनने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है। अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अब भारतीय स्टार्टअप, चिप डिजाइन कंपनियों और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों के स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ भी सहयोग कर सकती हैं।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "जब भारत जैसा देश एक महत्वपूर्ण उद्योग में सफल होता है, तो इससे पूरी दुनिया की सप्लाई चेन को ताकत मिलती है। आज जब सप्लाई चेन को हथियार बनाया जा रहा है, तब इसकी महत्ता और बढ़ जाती है।"
उन्होंने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे विकास को इसी व्यापक नजरिए से देखा जाना चाहिए।