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1208 सफाई कर्मचारियों की गुमशुदगी पर बवाल: पार्षदों तक को नहीं पता वार्डों में कितने कर्मचारी - Ludhiana News

October 6, 2026

भास्कर न्यूज| लुधियाना नगर निगम में आउटसोर्स के जरिए रखे गए 1208 सफाई कर्मचारियों की तैनाती को लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है। कागजों में 1208 कर्मचारी भर्ती होने और हर महीने निगम के खजाने से करोड़ों रुपए का वेतन देने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था र

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इस कागजी भर्ती और बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी की सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को भाजपा के जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष और पार्षद सुनील मौदगिल और प्रदेश महामंत्री जीवन गर्ग ने आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

मौदगिल ने आरोप लगाया कि 1208 कर्मचारी किन वार्डों में तैनात हैं, इसका जवाब न तो अधिकारियों के पास है और न ही सत्ताधारी दल के पार्षदों को इसकी जानकारी है। प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा पार्षद दल की नेता पूनम रतड़ा, उपनेता रोहित सिक्का, जिला महामंत्री हर्ष शर्मा, शीनू चुघ, कैलाश चौधरी, प्रेस सचिव डॉ. सतीश कुमार, सचिव विक्की सहोता और ललित चौहान विशेष रूप से उपस्थित थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा ने आज मेयर हाउस में होने वाली फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) की बैठक के बाहर घेराव और धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की मांग है कि निगम प्रशासन 1208 कर्मचारियों के नाम, उनके वार्ड, ड्यूटी का स्थान और भर्ती से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड तुरंत सार्वजनिक करे।

मौदगिल का कहना है कि कुछ लोगों से आउटसोर्स सफाई कर्मचारी के रूप में भर्ती कराने के नाम पर कथित तौर पर डेढ़ से दो लाख रुपए तक वसूले गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को एसएस प्रोवाइड एजेंसी के माध्यम से रखा गया है। भाजपा दो बार निगम और एजेंसी से कर्मचारियों की पूरी सूची मांग चुकी है, लेकिन इसे दबाया जा रहा है। यदि जल्द रिकॉर्ड न मिला तो पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी। भाजपा के जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता करते।

एक तरफ जहां भाजपा ने 1208 सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर निगम को घेरा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेसियों ने भी सोमवार को नगर निगम मुख्यालय का घेराव करने की पूरी प्लानिंग कर ली थी, जिसे अंतिम समय में स्थगित कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेसी पार्षदों ने एकजुट होकर निगम कमिश्नर को मिलकर एक संयुक्त शिकायत सौंपनी थी।

पार्षदों का आरोप है कि उनके वार्डों में राजनीतिक द्वेष के चलते जानबूझकर विकास कार्य रोके जा रहे हैं और एफएंडसीसी की आगामी बैठकों में उनके इलाकों के विकास प्रस्तावों को शामिल ही नहीं किया जा रहा है। हालांकि, रणनीति में ऐन वक्त पर हुए बदलाव और आगामी तैयारियों के चलते सोमवार का यह प्रदर्शन टाल दिया गया।