world-news

राजगीर में बनेगा 100 बेड का अस्पताल: 50 बेड का CCU, नालंदा विश्वविद्यालय को एक महीने में जमीन-भवन खाली करने के निर्देश - Nalanda News

October 11, 2026

पर्यटन व खेल नगरी राजगीर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी प्रशासनिक प्रगति हुई है। नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार की मांग पर स्वास्थ्य विभाग ने राजगीर स्थित ‘क्षेत्र प्रदर्शन केंद्र’ (फील्ड डेमोन्स्ट्रेशन सेंटर) के भवन-परिसर को नाल

.

इस परिसर में 100 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित करने की योजना है। सांसद कौशलेंद्र कुमार ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव कुमार रवि के प्रति आभार व्यक्त किया है।

राजगीर में स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बेहतर बदलाव

राजगीर में स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बेहतर बदलाव

जर्जर भवन और जमीन की कमी से अटका था काम

सांसद कौशलेंद्र कुमार ने बीते 3 जून को स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर और अधिकारियों से मिलकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने अवगत कराया था कि राजगीर में अंतरराष्ट्रीय खेल अकादमी, स्टेडियम और बढ़ते पर्यटन के चलते आधुनिक आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की भारी जरूरत है।

वर्तमान अनुमंडलीय अस्पताल का भवन जर्जर हो चुका है और परिसर में जगह के अभाव के कारण नए निर्माण में बाधा आ रही थी। इसके समाधान के रूप में फील्ड डेमोन्स्ट्रेशन सेंटर की जमीन के उपयोग का प्रस्ताव दिया गया था।

डीएम को संयुक्त निरीक्षण और 15 दिन में रिपोर्ट का आदेश

स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव कुमार रवि ने 10 अक्टूबर को नालंदा के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नालंदा विश्वविद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित करते हुए एक महीने के भीतर भवन खाली कराने का निर्देश दिया है।

आदेश के तहत संयुक्त निरीक्षण कर परिसर को नालंदा के सिविल सर्जन को हस्तांतरित किया जाएगा। साथ ही जमीन के खाता, खेसरा और रकबे का ब्योरा विभाग को भेजा जाएगा। डीएम से इस पूरी प्रक्रिया पर 15 दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट तलब की गई है।

नालंदा सांसद की पहल।

नालंदा सांसद की पहल।

बकाया किराया वसूली अलग से होगी

2011 में नालंदा विश्वविद्यालय को 2 शर्तों पर इस भवन का निचला तल दिया गया था। नया परिसर बनने पर इसे खाली करना और नियमित किराया चुकाना। 19 जून 2024 को विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन होने के बावजूद यह भवन खाली नहीं किया गया था।

रिकॉर्ड के अनुसार, 7 सितंबर 2015 को विश्वविद्यालय की ओर से केवल 5,77,125 रुपए का किराया दिया गया था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया किराए की गणना और वसूली की प्रक्रिया अलग से चलेगी, ताकि जमीन हस्तांतरण और अस्पताल निर्माण के कार्य में कोई विलंब न हो।