Aug 14, 2026 09:58 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
मुख्य बातें
- व्हाइट हाउस ने बताया कि ये टैरिफ 21 दिनों में प्रभावी हो जाएंगे
- हालांकि, उन ड्रोन पुर्जों के लिए जो विशेष रूप से संवेदनशील नहीं हैं, टैरिफ हस्ताक्षर के 180 दिन बाद लागू होंगे
ट्रंप का नया टैरिफ बम (फाइल फोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि वे ड्रोन और उनके पुर्जों के आयात पर टैरिफ लगाएंगे। यह टैरिफ कुछ प्रमुख अमेरिकी सहयोगी देशों से आने वाले ड्रोनों पर भी लागू होगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका ड्रोन के मामले में विदेशी स्रोतों पर "बहुत अधिक निर्भर" हो गया है।
टैरिफ की दरें और उनके दायरे
ट्रंप द्वारा साइन किए गए एक घोषणा पत्र के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले एक निश्चित आकार या क्षमता वाले ड्रोनों पर 100% का टैरिफ (एड वैलोरम) लगाया जाएगा। वहीं, छोटे आकार के ड्रोनों पर 25% टैरिफ लगेगा। इसके अलावा, यूरोपीय संघ, जापान, लिकटेंस्टीन, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड और ताइवान से आने वाले ड्रोनों और पुर्जों पर 15% टैरिफ लगाया जाएगा, जबकि ब्रिटेन से आने वाले ड्रोनों पर 10% का टैरिफ निर्धारित किया गया है।
इस नए टैरिफ के पीछे क्या है वजह
ट्रंप ने टैरिफ को अपनी विदेशी और व्यापार नीतियों का केंद्रीय हिस्सा बनाया है, भले ही कानूनी चुनौतियों और कुछ विश्लेषकों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा हो। व्हाइट हाउस द्वारा जारी घोषणा पत्र में ट्रंप ने कहा कि सेक्रेट्री ऑफ कॉमर्स हॉवर्ड लुटनिक ने मानवरहित विमान प्रणालियों या नी ड्रोन के आयात के प्रभावों की जांच की थी।
ट्रंप के अनुसार, लुटनिक ने पाया कि विदेशी उत्पादकों से ड्रोन का आयात काफी अधिक है और अमेरिका ड्रोन तथा उनके पुर्जों के लिए विदेशी स्रोतों पर बहुत अधिक निर्भर है। साथ ही, लुटनिक ने यह भी पाया कि कुछ विदेशी संस्थाओं के ड्रोन और पुर्जे "सुरक्षा और संरक्षा के जोखिम" पैदा करते हैं, और अमेरिकी घरेलू उद्योग सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त उत्पादन नहीं करता है।
कब लागू होगा टैरिफ
व्हाइट हाउस ने बताया कि ये टैरिफ 21 दिनों में प्रभावी हो जाएंगे। हालांकि, उन ड्रोन पुर्जों के लिए जो विशेष रूप से संवेदनशील नहीं हैं, टैरिफ हस्ताक्षर के 180 दिन बाद लागू होंगे। इसके अलावा, पेंटागन द्वारा फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन की "कवर्ड लिस्ट" से छूट के लिए अनुमोदित उत्पादों पर टैरिफ हस्ताक्षर के 20 दिनों के भीतर लागू नहीं होगा, बल्कि उन पर भी 180 दिन बाद टैरिफ लागू होगा।
ट्रेड कोर्ट ने ट्रंप की नीति को दी हरी झंडी
एक अन्य खबर में डोनाल्ड ट्रंप को कम कीमत वाले आयातित सामान पर टैरिफ लगाने के मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमेरिका की यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने ट्रंप प्रशासन की उस नीति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है, जिसके तहत 800 डॉलर या उससे कम मूल्य वाले सामान पर मिलने वाली 'De Minimis' छूट को खत्म किया गया था। इस फैसले का मतलब है कि फिलहाल अमेरिका कम कीमत वाले आयातित सामान पर भी शुल्क वसूलना जारी रख सकता है।
इनपुट: रॉयटर्स, एपी, ब्लमबर्ग
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Drigraj Madheshia
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