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गांव की सड़क के लिए शहर जाने का रास्ता-जाम किया: झाड़ियां रखकर ट्रैफिक रोका, कलेक्टर से मिलने पर अड़े; 10 दिन का अल्टीमेटम - Bhilwara News

August 18, 2026

भीलवाड़ा जिला मुख्यालय के माधोपुर गांव के ग्रामीण अपने टूटी सड़क को लेकर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने शहर जाने वाली रोड को 3 घंटे जाम कर दिया। इस गांव में करीब 130 घर और 800 की आबादी है। यहां की मुख्य सड़क पिछले करीब 10 सालों से टूटी हुई है। ग्रामीणों

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इसी के चलते आज मंगलवार को ग्रामीणों का सब्र टूट गया। 100 से अधिक ग्रामीण महिला-पुरुष मंगरोप-भीलवाड़ा रोड स्थित हरणी बाईपास के पास तिराहे पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने सड़क पर बाबूल की झाड़ियां लगाकर रास्ता रोक दिया और धरने पर बैठ गए।

ऐसे चला पूरा घटनाक्रम

  • देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण एक तरफ हरणी महादेव तो दूसरी तरफ श्रीलोक होटल तक जाम लग गया। इससे राहगीरों के साथ ही भीलवाड़ा काम पर जाने वाले मजदूरों को भी परेशानी उठानी पड़ी और कई लोगों को रास्ता बदलकर जाना पड़ा।
  • प्रदर्शन की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान सिंह जाब्ता लेकर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश शुरू की। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद भी महिलाएं मौके पर ही कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्या बताने की मांग पर अड़ी रहीं। थाना प्रभारी ने मौके से ही भीलवाड़ा तहसीलदार दिनेश साहू को मामले की जानकारी दी।
  • तहसीलदार के मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाने के बाद ग्रामीणों ने सड़क खोलने पर सहमति जताई। इसके बाद थाना प्रभारी हनुमान सिंह मय जाप्ता माधोपुर गांव पहुंचे। कुछ देर बाद तहसीलदार दिनेश साहू भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर समस्या के उचित समाधान का भरोसा दिलाया।

देखें प्रदर्शन की तस्वीरें…

महिलाओं ने सड़क पर झाड़ियां डालकर रास्ता बंद किया और धरने पर बैठ गई

महिलाओं ने सड़क पर झाड़ियां डालकर रास्ता बंद किया और धरने पर बैठ गई

मौके पर सड़क के दोनों और गाड़ियों बकी लाइन लग गई

मौके पर सड़क के दोनों और गाड़ियों बकी लाइन लग गई

सूचना मिलने के बाद तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे

सूचना मिलने के बाद तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे

ग्रामीणों ने समाधान नहीं होने पर कलेक्ट्रेट पर धरने की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों ने समाधान नहीं होने पर कलेक्ट्रेट पर धरने की चेतावनी दी है।

अब देखें सड़क की हालत…

इसी मुख्य सड़क से ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है।

इसी मुख्य सड़क से ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है।

गांव की मुख्य सड़क सालों से खराब है।

गांव की मुख्य सड़क सालों से खराब है।

अधिकारियों ने गांव में घूमकर लिया जायजा

ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने यूआईटी अधिशासी अभियंता रोहित जांगिड़, सहायक अभियंता गोपाल धाकड़, कनिष्ठ अभियंता रुचि अग्रवाल, उगमचंद सिंघारिया, पटवारी अनीता सोलंकी और पटवारी गोपाल कृष्ण बिश्नोई सहित संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ गांव में घूमकर सड़क और अन्य समस्याओं का जायजा लिया तथा मौके का पंचनामा (मौका पर्चा) तैयार किया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की समस्या का 10 दिन के भीतर स्थायी समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे भीलवाड़ा कलेक्ट्री के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।